चरखी दादरी। शहर में जलभराव की समस्या से परेशान व्यापारियों ने रविवार को अग्रसेन धर्मशाला में बैठक का आयोजन कर मंगलवार को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। व्यापार मंडल के आह्वान पर रविवार को शहर के सैकड़ों व्यापारी बैठक में पहुंचे। बैठक में सर्वसम्मति से मंगलवार को पूर्णरूप से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया।
व्यापार मंडल कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्य रविंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के आह्वान पर पहली बार सैकड़ों की संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। साथ व्यापारियों ने चार मुख्य मांगों पर मंथन किया। इसमें प्रमुख रूप से शहर से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, रोहतक चौक पर पानी निकासी की मांग को लेकर धरना दे रहे लोगों पर दर्ज मामले रद्द कराने, एक सप्ताह से अधिक समय से बंद दुकानों के दुकानदारों को नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे करा मुआवजा दिलाने व जिले को बाढ़ ग्रस्त घोषित कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही व्यापारियों ने निर्णय लिया कि सोमवार को आंबेडकर चौक पर सुबह 10 बजे एकत्रित होकर पूरे शहर में बाजार बंद के समर्थन में रैली निकालकर सभी प्रतिष्ठानों के व्यापारियों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की जाएगी। इसके अलावा 11 सदस्यों की कमेटी बनाने पर विचार किया गया। यह कमेटी शहर में जलभराव की निगरानी रखने के साथ-साथ समाधान का प्रयास करेगी।
बता दें कि शनिवार को जलभराव की समस्या को लेकर नई सब्जी मंडी में बैठक कर व्यापारियों ने प्रदेश के 12 जिलों की तर्ज पर दादरी को भी बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित कराने की मांग की थी। रविवार को हुई बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कहा कि शहर में जलभराव से प्रतिदिन करीब 3 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो रहा है। शहर की सीवरेज व्यवस्था पूर्णरूप से ठप है। बाजारों को बंद करने, धरना-प्रदर्शन करने के बावजूद भी प्रशासन ने पानी निकालने में केवल खानापूर्ति की जा रही है। धरातल पर इसका असर कम ही दिखाई दे रहा है। वहीं नगर परिषद की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था भी चौपट है जिसके कारण हालात और अधिक बिगड़ गए।
साथ ही वक्ताओं ने कहा कि शहर की स्थित खाड़ियों में अवैध अतिक्रमण के कारण शहर में जलभराव की समस्या हुई है। साथ ही वर्तमान सरकार के प्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले चार सालों में शहर में विकास व जलभराव की समस्या के समाधान के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय नेताओं की कमजोरी के कारण यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। चरखी दादरी को बाढ़ग्रस्त घोषित होने पर विशेष सहायता मिल सकेगी। साथ ही स्थानीय प्रशासन की ओर से धीमी गति से चल रहे कार्य पर भी रोष व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया, सब्जी मंडी प्रधान नितिन जांगू, मनफूल शर्मा, नरेंद्र दहिया, व्यापार मंडल प्रधान सुरेश पांडवानिया, बलराम गुप्ता, जयभगवान मस्ताना, डाॅ. ब्रह्मानंद गुप्ता, अशोक स्वामी, विनोद गर्ग, सतबीर गौड़ बर्तन व्यापारी एसोसिएशन प्रधान, जय सिंह यादव सहित शहर के अनेक व्यापार प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।