दादरी की काठ मंडी के समीप लगे कचरे के ढेर।
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चरखी दादरी। नगर परिषद में 150 सफाई कर्मचारियोंं की कमी बनी हुई है। इस वजह से नगर में सफाई व्यवस्था सही तरीके से सिरे नहीं चढ़ पा रही है। अब नगर परिषद के बजाय कौशल रोजगार निगम के माध्यम से इन कर्मचारियाें की भर्ती करने की योजना पर काम किया जा रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से 150 सफाई कर्मचारियों की मांग मुख्यालय में भेजी गई है। इस समय नगर परिषद में 180 सफाई कर्मचारी हैं। शहर में 21 वार्ड, बड़ा बाजार भी है। शहर की आबादी करीब 80 हजार है।
शहर की आबादी हर साल बढ़ती जा रही है। हर साल वार्डों में करीब 500 नए आवासीय मकान भी बन रहे हैं। नगर परिषद की ओर से कचरे का हर घर से टिप्परों के माध्यम से उठान किया जाता है। इसके बदले नगर परिषद की ओर से मामूली चार्ज वसूला जाता है। वार्डों में सफाई व्यवस्था और भी जरूरी है। पहले वार्डों में लोग आसपास खाली प्लाॅटों में कचरा डालते थे। अब घर से वाहन के जरिए कचरे का उठान कर लिया जाता है। ऐसे में सफाई व्यवस्था में काफी सुधार आया है।
सफाई कर्मचारी वार्डों में नालियों व गलियों की सफाई करते हैं। इस समय एक वार्ड में तीन से चार सफाई कर्मचारी तैनात हैं जिनसे सफाई का काम समय पर पूरी नहीं हो पाता है। एक गली की कई दिन में बारी आती है तब तक नालियां कीचड़ से अट जाती हैं और गलियों में कचरे का जमाव हो जाता है। अगर कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त हो तो नियमित रूप से प्रत्येक गली की सफाई हो जाए। सफाई कर्मचारियों को गलियों में सीवरमैन हॉल की भी सफाई करनी पड़ती है। नगर का आवासीय क्षेत्र बढ़ने की वजह से कर्मचारियों की संख्या बढ़नी भी जरूरी है।
अब नगर परिषद ने 150 सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए मुख्यालय मांग भेजी है। उधर, सरकार की योजना है कि सफाई कर्मचारियों की कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती कर दी जाए। आने वाले समय में शहर को और कर्मचारी मिलने की उम्मीद है।
वर्सन :
सफाई कर्मचारियों की मांग सरकार को भेज दी है। जल्द ही कर्मचारियों की भर्ती होने की संभावना है। वार्डों में नियमित रूप से सफाई हो रही है। आमजन सफाई व्यवस्था में सहयोग करें ताकि नगर को और सुंदर व स्वच्छ बनाया जा सके।-चेयरमैन बक्शीराम सैनी, नगर परिषद, दादरी।