नेशनल हाईवे 334 बी से गुजरते वाहन।
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चरखी दादरी। जिले में सोमवार सुबह घनी धुंध ने एक बार फिर आम जनजीवन को प्रभावित किया। दृश्यता बेहद कम होने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई, वहीं रेल व रोडवेज सेवाएं भी प्रभावित रहीं। लगातार पांच दिन तक ठंड व कोहरे की चादर में लिपटे रहने के बाद रविवार को जहां थोड़ी राहत मिली थी, वहीं सोमवार को दूसरे दिन भी सुबह हल्की धूप जरूर खिली, लेकिन उससे पहले धुंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। सुबह के समय घनी धुंध के कारण मुख्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर भी चालक हेडलाइट व फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर रहे। कई स्थानों पर दृश्यता 20 से 30 मीटर तक सिमट गई, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। हालांकि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता के चलते किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।
बस ट्रेन पर पड़ा असर
धुंध का सबसे अधिक असर रेल व रोडवेज परिवहन पर देखने को मिला। दादरी होकर गुजरने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार कम रखनी पड़ी जिससे एक घंटे तक की देरी दर्ज की गई। वहीं हरियाणा रोडवेज की बसें भी 10 मिनट से 20 मिनट तक लेट रहीं। बस स्टैंड पर यात्रियों को ठंड में इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें दफ्तर, कॉलेज और अन्य जरूरी कामों के लिए समय पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
11 बजे के बाद निकली धूप
सुबह 11 बजे के बाद धुंध धीरे-धीरे छंटनी शुरू हुई जिसके बाद यातायात व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ। हल्की धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली और सड़कों पर आवाजाही सामान्य होने लगी। हालांकि ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते नमी बढ़ी हुई है जिसके कारण सुबह और रात के समय धुंध व कोहरा बना रह रहा है।
कृषि के लिए धुंध जरूरी
कृषि क्षेत्र पर भी धुंध का असर देखा जा रहा है। किसान सरसों और गेहूं की फसलों के लिए इस मौसम को अनुकूल बता रहे हैं, लेकिन अधिक नमी और लगातार धुंध से रोग लगने की आशंका भी जता रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार कीटनाशक छिड़काव की सलाह दी है।
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध और ठंड के कारण बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह की सैर देर से करने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।