चरखी दादरी। जिले के दो पीएमश्री स्कूलाें में नई शिक्षा नीति के तहत आधुनिक तकनीक के जरिये पढ़ाई होगी। इसके लिए दोनों स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 11 लाख 83 हजार 200 रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इन स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलियाणा व चरखी दादरी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल है। इन स्कूलों में गणित व विज्ञान विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने प्रदेश भर में 124 पीमश्री स्कूल बनाए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार की ओर से पीएमश्री स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक स्तर की शिक्षण सुविधाएं मिलेंंगी। इन स्कूलों में विज्ञान व गणित विषयों के लिए अलग से सर्कल बनाए जाएंगे। ब्यूटी एवं वेलनेस पर विशेष ध्यान रहेगा। सेफ्टी एवं सिक्योरिटी के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इतना ही नहीं इन स्कूलों में वर्मिंग कंपोस्ट भी बनेगा। इन सुविधाओं के लिए सरकार की ओर से अलग-अलग मदों में बजट जारी किया गया है। इसके तहत अलग-अलग चरणों में बजट की किस्तें जारी की जाएंगी। पहले चरण में 11 लाख 83 हजार 200 रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। यह बजट राशि जारी हो चुकी है।
इन मदों पर खर्च होगा बजट
स्कूलों में समाचार-पत्र व पत्रिकाओं के लिए 60 हजार रुपये का बजट जारी हुआ है। इसी प्रकार दोनों स्कूलों के लिए दो लाख रुपये का विशेष बजट मिला है। नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों के पहचान पत्र के लिए 73 हजार 600 रुपये का बजट मिला है। इसी प्रकार दोनों स्कूलों में यूथ एवं इको क्लब के लिए 50 हजार रुपये, स्कूल सुंदरीकरण के लिए दो लाख रुपये, गणित व विज्ञान शिक्षण के लिए 40 हजार रुपये, वर्मिंग कंपोस्ट के लिए 20 हजार रुपये, विज्ञान व गणित सर्कल के लिए एक लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। इसी प्रकार अग्निशमन व अन्य सुरक्षा उपकरणों के लिए पांच लाख रुपये का बजट जारी हुआ है।
एक अप्रैल से शुरू होगा पहला सत्र
इन दोनों स्कूलों में एक अप्रैल से पहला शैक्षिक सत्र शुरू होगा। इसके लिए विभाग नेे अभी से सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कराया जाएगा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग अधिकारियों ने नए शिक्षा सत्र के लिए प्रारूप तैयार करना शुरू कर दिया है।
पहले चरण के लिए बजट जारी हो गया है। इन स्कूलों में आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई होगी। जल्द ही इन सुविधाओं को धरातल पर मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसका खाका तैयार किया जा रहा है।
संदीप कुमार, एपीसी, शिक्षा विभाग