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पिता से प्रेरणा पाकर सुजीत बना राष्ट्रीय स्तर का पहलवान

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फोटो 09 बंगलुरु में आयोजित स्पर्धा में सुजीत (लाल ड्रेस में) को विजेता घोषित करता रेफरी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। कहावत है कि पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। इमलोटा निवासी पहलवान सुजीत कलकल पर यह कहावत एकदम सटीक बैठती है। पिछले दो साल से सुजीत नेशनल कुश्ती स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत रहा है। सुजीत के पिता दयानंद कलकल भी कुश्ती में राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं और उन्हीं की प्रेरणा से सुजीत ने कुश्ती शुरू की थी, जिसके अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सुजीत का सपना है कि वो ओलंपिक गेम्स में देश के लिए पदक जीते और इस लक्ष्य को पाने के लिए वो कड़ी मेहनत कर रहा है।
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सुजीत फिलहाल रोहतक स्थित जाट कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। हाल ही में कर्नाटक में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में उसने एमडीयू का प्रतिनिधित्व किया। इस स्पर्धा में सुजीत ने प्रतिद्वंद्वी पहलवानों को पटकनी देते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस तरह सुजीत लगातार दूसरी स्पर्धा में गोल्ड मेडलिस्ट बना। अब तक सुजीत राष्ट्रीय स्तर पर तीन पदक जीत चुका है।
दरअसल, सुजीत के पिता दयानंद कलकल खुद अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे चुके हैं। दयानंद सिंह अपने समय के नेशनल चैंपियन रहे हैं और इसके बाद वो खेल कोटे से भारतीय सेना में भर्ती हो गए थे। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2005 में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने भाग लिया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक नहीं जीत पाए। इसका मलाल उन्हें अब तक है। अब दयानंद का सपना है कि बेटा सुजीत ओलंपिक में देश के लिए पदक जीते।
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- सेवानिवृत्ति के बाद साई सेंटर में कोचिंग दे रहे दयानंद
सुजीत के पिता दयानंद 2013 से 2019 तक सेना में रेसलिंग कोच रहे। 2019 में वो सेवानिवृत्त हुए और अब फिलहाल वो सोनीपत साई सेंटर में बतौर कुश्ती कोच कार्यरत हैं। सेंटर के अलावा पिछले करीब आठ साल से वो बेटे सुजीत को भी ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनके प्रयास और सुजीत की अथक मेहनत से सफलता कदम चूम रही है।
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- ये हैं सुजीत की अब तक की उपलब्धियां
- कर्नाटक में आयोजित खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम प्रतियोगिता में अंडर 65 किलो भारवर्ग में खेलते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
- गत माह आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी सुजीत ने स्वर्ण पदक जीता था।
- इससे पहले सुजीत ने 2021 में आयोजित जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में अपने नाम रजत पदक किया था।
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