चरखी दादरी। दादरी के दिल्ली रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) ओवरफ्लो होने के कारण साथ लगते सैकड़ों एकड़ खेतों में जलभराव के कारण किसानों को हुए नुकसान की जल्द भरपाई होने की उम्मीद है। स्थानीय विधायक सुनील सांगवान की ओर विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित खेतों का सर्वे पूरा कर दादरी, ढाणी फोगाट व समसपुर की 338 एकड़ जमीन को मुआवजे के लिए चिह्नित किया है। विभाग की ओर से 290 प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर पंचकूला स्थित मुख्यालय भेज दी गई है।
बजट सत्र में उठाया था मुद्दा
पिछले लंबे समय से दिल्ली रोड स्थित एसटीपी की क्षमता कम होने के कारण ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई थी। गंदा पानी दादरी शहर के साथ लगते गांव समसपुर, ढाणी फोगाट और दादरी के खेतों में जमा हो रहा था। इससे न केवल खड़ी फसलें बर्बाद हो रही थीं बल्कि जलभराव से किसान नई फसल की बिजाई भी नहीं कर पा रहे थे। पीड़ित किसानों ने विधायक सुनील सांगवान से मुलाकात कर गुहार लगाई थी जिसके बाद विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान संबंधित मंत्रियों के समक्ष मुआवजे और एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की पुरजोर मांग रखी।
338 एकड़ जमीन पर जल प्रहार, 290 किसान प्रभावित
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए सर्वे में सामने आया है कि ओवरफ्लो होने के कारण कुल 338 एकड़ जमीन जलमग्न हुई है। विभाग की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार गांव ढाणी फोगाट, समसपुर और दादरी की जमीन इससे प्रभावित हुई है। जिससे 290 किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक पानी भरने से जमीन में चवे की स्थिति बन गई है।
क्या बोले किसान
गांव ढाणी फोगाट निवासी बलबीर फोगाट, जगदेव कलकल, कल्लेराम, कृष्ण कुमार, रामप्रताप सिंह, राजबीर, कृष्ण फोगाट आदि किसानों का कहना है कि सीवरेज का दूषित पानी खेतों में भरने से उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तरफ खाद-बीज और मेहनत का पैसा डूब जाता है, वहीं दूसरी ओर दलदल बनी जमीन के कारण भविष्य की चिंता उन्हें मानसिक तनाव दे रही है।
वर्सन :
हमने समसपुर एसटीपी के साथ लगते गांवों का सर्वे करवाया है। 290 किसानों की 338 एकड़ जमीन प्रभावित पाई गई है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है ताकि जल्द से जल्द किसानों को आर्थिक राहत मिल सके। - सचिन तलेजा, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।