चरखी दादरी। बुजुर्ग दंपती जगदीशचंद आर्य और भागली देवी आत्महत्या प्रकरण की जांच के लिए एसपी नितिका गहलोत ने एसआईटी गठित कर दी है। इसमें बाढड़ा डीएसपी, बाढड़ा थाना प्रभारी और एक एसआई को शामिल किया गया है। एसपी का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता और अगर किसी न कोई गलती की है तो उसे सजा जरूर मिलेगी।
बता दें कि 29 मार्च को बाढड़ा में रह रहे बुजुर्ग दंपती जगदीशचंद आर्य और उनकी पत्नी भागली देवी ने घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जहर निगलने की जानकारी जगदीशचंद ने स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम में दी थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो जगदीशचंद जीवित थे और उन्होंने पुलिस टीम को एक नोट सौंपा था जिसमें उन्होंने अपने बेटे और दो पुत्रवधू समेत चार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उपचार के दौरान बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई थी और पुलिस ने उस नोट को सुसाइड नोट मानते हुए मृतक के बेटे और दो पुत्रवधू समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया था। इसके बाद गांव गोपी के ग्रामीण और आर्य समाज के लोग आरोपी पक्ष के समर्थन में उतर आए थे। उन्होंने बाढड़ा थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर सुसाइड नोट में लिखे कुछ आरोपों को गलत बताया था।
इसके बाद जिले के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता इस प्रकरण को लेकर दो दिन पहले एसपी नितिका गहलोत से मिले थे। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा था। इस पर संज्ञान लेकर नितिका गहलोत ने एसआईटी गठित कर दी है और इसकी पुष्टि उन्होंने की है।
- इन्हें किया गया एसआईटी में शामिल
एसपी नितिका गहलोत ने बाढड़ा डीएसपी देशराज, बाढड़ा थाना प्रभारी कप्तान सिंह और एसआई शमशेर सिंह को एसआईटी में शामिल किया गया। अब यह तीन सदस्यीय एसआईटी सभी पहलुओं पर जांच शुरू करेगी और फिर रिपोर्ट एसपी को सौंपेगी।
बुजुर्ग दंपती आत्महत्या प्रकरण संवेदनशील मामला है। इस मामले की जांच एसआईटी से करवाई जाएगी और इसके लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। कानून के सामने कोई बड़ा या रसूखदार नहीं होता।
-नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी