चरखी दादरी। जमीन तबादला कराने की एवज में भागवी निवासी एक व्यक्ति से 4500 रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। रिश्वत देने वाले शख्स ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को साथ लेकर डीसी प्रीति को इस संबंध में शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उससे रजिस्ट्री क्लर्क ने तहसीलदार का नाम लेकर डीड राइटर के जरिये रिश्वत ली। वहीं, मामला संज्ञान में आते ही डीसी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
डीसी कार्यालय में दी शिकायत में गांव भागवी निवासी कुलदीप ने बताया कि उसे जमीन का तबादला करवाना था। उसने डीड राइटर सुमेर सिंह से डीड लिखवाई। इसके बाद वो डीड मार्क कराने के लिए कमरा नंबर 15 में रजिस्ट्री क्लर्क राम के पास पहुंचे। उस दौरान उसके साथ डीड राइटर सुमेर सिंह भी साथ था। कुलदीप ने शिकायत में बताया कि रजिस्ट्री क्लर्क राम ने उसे बताया कि तबादला रजिस्ट्री बंद है और अगर यह प्रक्रिया पूरी करनी है तो 5000 रुपये देने पड़ेंगे। मजबूरीवश उसने पांच हजार रुपये डीड राइडर सुमेर सिंह को दे दिए। उसके सामने ही सुमेर सिंह ने ये रुपये रजिस्ट्री क्लर्क राम को दे दिए।
कुलदीप ने बताया कि इसके बाद रजिस्ट्री क्लर्क राम ने उसे 500 रुपये वापस दे दिए और 4500 रुपये में काम करने की बात कही। कुलदीप ने बताया कि इसके बाद वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिला और उन्होंने उसे डीसी के समक्ष पेश किया। इसके बाद कुलदीप ने प्रकरण की लिखित शिकायत डीसी को सौंपी। डीसी से मिलने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि मामले पर डीसी प्रीति ने त्वरित संज्ञान लेते हुए 48 घंटे में मामले की जांच रिपोर्ट उनके समक्ष पेश करने का आदेश दिया। वहीं इस मामले में डीसी प्रीति ने पुलिस प्रशासन को इस बारे में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
- डीड राइटर ने दिए लिखित बयान
डीड राइटर (वसीकानवीस) सुमेर सिंह ने डीसी के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद लिखित बयान दिए। उन्होंने बयान में बताया कि उसने भागवी गांव का एक तबादलानामा लिखकर दोनों पार्टियों को पढ़कर सुनाया था। इसके बाद पार्टी ने उसे रजिस्ट्री क्लर्क के पास फोन करके बुलाया। रजिस्ट्री क्लर्क ने उसे कहा कि जमीन का तबादला केस तहसीलदार ने बंद किए हुए हैं। उनका आदेश है कि जमीन तबादला न किया जाए और इसके लिए कुछ खर्चा-पानी लगेगा। इसके चलते मैंने 4500 रुपये देकर तबादला मार्क कर दिया था।
इस मामले में भागवी निवासी कुलदीप शुक्रवार को हमसे मिला था। उसको डीसी के समक्ष हमने पेश किया। वहां उसने मामले की लिखित शिकायत सौंपी और इस पर संज्ञान लेकर डीसी ने 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की है। भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
-संजीव तक्षक, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता