चरखी दादरी। भागवी स्थित शहीद सिपाही जगदीश सिंह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर ग्रामीण बुधवार सुबह भड़क गए। विद्यार्थियों के साथ स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल गेट को ताला जड़ दिया और बच्चों के साथ गेट के बाहर ही रास्ते पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद डीईईओ विरेंद्र मलिक मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की मांगें सुनीं। उनके आश्वासन से सहमत होकर ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे स्कूल का ताला खोल दिया।
भागवी स्थित राजकीय स्कूल की प्राइमरी विंग में पांच शिक्षकों की जरूरत है, जबकि तैनाती तीन की ही है। यहां दो जेबीटी शिक्षकों की कमी है। ब्वॉयज स्कूल में 68 विद्यार्थी हैं जबकि शिक्षक आठ। प्राइमरी विंग में दो शिक्षकों की कमी है। इसी प्रकार कन्या स्कूल में 99 छात्राएं हैं और वहां 12 शिक्षक तैनात हैं। प्राइमरी विंग में शिक्षकों की कमी से खफा ग्रामीण एकत्र होकर राजकीय कन्या स्कूल परिसर पहुंचे और गेट को ताला जड़ दिया। साढ़े नौ बजे ताला जड़ते ही ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ताला लगाने के करीब दो घंटे बाद डीईईओ विरेंद्र मलिक मौके पर पहुंचे। उनके समक्ष ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखीं, जिन्हें जल्द पूरा करवाने का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने करीब ढाई घंटे बाद ताला खोल धरना खत्म कर दिया।
दोनों स्कूलों को मर्ज करने की भी रखी मांग
डीईईओ विरेंद्र मलिक के समक्ष ग्रामीणों ने बताया कि ब्वॉयज स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है और वहां बच्चों का पढ़ाई करना खतरे से खाली नहीं है। नया भवन बनने तक दोनों स्कूलों को मर्ज कर दिया जाए। इस मांग को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने का आश्वासन डीईईओ की ओर से दिया गया। उन्होंने बताया कि ब्वॉयज स्कूल का नया भवन बनाने की अनुमति मिल चुकी है और जल्द ही टेंडर आमंत्रित किया जाना है।
राजकीय कन्या स्कूल में डेस्क की भी कमी
डीईईओ के समक्ष ग्रामीणों ने राजकीय कन्या स्कूल में बनी डेस्क की कमी का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि यहां 50 डेस्क की जरूरत है जबकि उपलब्ध 30 ही हैं। 20 डेस्क की कमी शिक्षा विभाग ने अब तक दूर नहीं की है। इस पर डीईईओ ने कहा कि जल्द ही स्कूल में 20 नए डेस्क भेज दिए जाएंगे।
ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया से दूर होगी शिक्षकों की कमी
डीईईओ ने कहा कि ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के तहत जेबीटी शिक्षकों से ऑप्शन मांगे गए हैं। चार जनवरी तक वे ब्योरा भर देंगे और इसके बाद यहां जेबीटी शिक्षकों की कमी को दूर कर दिया जाएगा।
स्कूल को ताला लगाने की सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंच गया था। हमने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगें जानीं। ग्रामीणों ने शिक्षकों की कमी को दूर करने, दोनों स्कूलों को मर्ज करने और डेस्क की कमी दूर करने की मांग रखी हैं। जल्द ही इन मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन मैंने दिया और इसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोलकर धरना खत्म कर दिया।
विरेंद्र मलिक, डीईईओ, शिक्षा विभाग