चरखी दादरी। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारी बंद कमरे में समस्याओं पर मंथन कर लंबी-चौड़ी योजना तो तैयार करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं होती। ढाणी फाटक आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) सड़क इसका उदाहरण है। यह सड़क पिछले करीब दो साल से जर्जर हाल में है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने अब तक न तो इसकी मरम्मत करवाई है और न ही पुनर्निर्माण। अधिकारियों की इस ओर नजरअंदाजी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस मार्ग पर रोड़ियां उखड़ने से न केवल गड्ढे बने हैं, बल्कि तारकोल की परत तक गायब है।
महेंद्रगढ़ रोड स्थित आरओबी सड़क की हालात काफी खस्ता हो चुकी है। सड़क जर्जर हैं जबकि यहां लगी सभी लाइटें भी काम नहीं कर रही। अहम बात यह है कि इस मार्ग से भारी वाहनों का अधिक आवागमन में होता है। जिस कारण इस रोड पर बने गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सड़क में वाहन धंसने से ट्रैफिक व्यवस्था तक प्रभावित हो जाती है। खासकर शाम और रात के समय यहां जाम लगा रहता है।
वहीं, करीब दस माह पहले इस मार्ग को मॉडल स्ट्रेच के रूप में तैयार करने की योजना बनी थी। सूत्रों के अनुसार यह योजना डंप कर दी गई है। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी को सड़क के निर्माण की तरफ ध्यान देने की जरूरत है, ताकि वाहन चालकों को राहत मिल सके। संवाददाता ने वीरवार को सड़क का जायजा लिया तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। करीब 1200 मीटर लंबी आरओबी की सड़क काफी जर्जर मिली।
- 11 साल पहले बना था आरओबी, सोनिया गांधी ने किया था उद्घाटन
ढाणी फाटक आरओबी शहर का पहला ओवरब्रिज है। इसका निर्माण करीब 11 साल पहले हुआ था। उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी और सोनिया गांधी इसका शुभारंभ करने पहुंची थी। अब अरओबी की सड़क के अलावा फुटपाथ भी कंडम हो चुका है जबकि यहां नियमित सफाई न होने से काफी मिट्टी भी है।
- हादसों का कारण बन सकते हैं गड्ढे
राहगीर रवि कुमार, संजय सोनी, सोनू कुमार, पवन गुप्ता, रमेश सैनी आदि का कहना है कि आरओबी पर गहरे गड्ढे बने हैं। इनके चलते जहां चार पहिया या भारी वाहन चालकों को परेशानी होती है तो वहीं दुपहिया वाहन चालकों के हादसे का शिकार होने का अंदेशा रहता है। बारिश को छोड़कर बाकी समय यहां वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ती रहती है।
- गायब हैं रिफ्लेक्टर, नहीं है दिशा सूचक बोर्ड
आरओबी निर्माण के दौरान विभाग ने यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टर व दिशा सूचक बोर्ड लगवाए थे। लेकिन संबंधित विभाग की अनदेखी के चलते यहां लगे सभी रिफ्लेक्टर टूटे हुए हैं जबकि दिशा सूचक बोर्ड भी गायब हैं।
- ओवरलोड वाहन हैं सड़क के कंडम होने का कारण
आरओबी से भारी वाहनों के अधिक संख्या में गुजरने के कारण सड़क के बीच कई जगह तारकोल इक्ट्ठा हो गया है। ऐसे में ये हादसे का कारण बन सकता है। वहीं, इस मार्ग से प्रतिदिन काफी ओवरलोड वाहन गुजरते हैं और ये वाहन भी सड़क के कंडम होने का मुख्य कारण हैं।
फिलहाल मानसून सीजन चल रहा है और इसमें सड़क का निर्माण कराना संभव नहीं है। आरओबी सड़क का जल्द ही पुनर्निर्माण करवाया जाएगा।
-कृष्ण सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी