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Charkhi Dadri News: पोर्टेबल अस्पताल को बना दिया डेढ़ करोड़ का सफेद हाथी

Mon, 06 Jan 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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सांवड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखा पोर्टेबल अस्पताल। संवाद
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कोरोना के समय अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ने जिला स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराया था पोर्टेबल अस्पताल, आज तक नहीं लाया गया उपयोग में
क्रॉसर
- सांवड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खुले में रखा खा रहा जंग, जिला स्वास्थ्य विभाग की दादरी लाने में रुचि नहीं
- अगर नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया जाए तो हो सकता है सदुपयोग

संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कोविड के दौरान एक संस्था की मार्फत खरीदा गया डेढ़ करोड़ का पोर्टेबल अस्पताल जिला स्वास्थ्य विभाग ने खुले में जंग खाने के लिए छोड़ रखा है। चार साल से पोर्टेबल अस्पताल 2.37 करोड़ की लागत से बनाए गए सांवड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखा कबाड़ बन रहा है। खास यह कि आज तक इसका उपयोग नहीं किया गया। यह सफेद हाथी बना है। दूसरी ओर इसे दादरी शिफ्ट करने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं।

दरअसल, सांवड़ पीएचसी परिसर में रखा पोर्टेबल अस्पताल धूप, गर्मी, बारिश झेल रहा है। इसका विपरीत असर इस पर पड़ रहा है। कोविड के दौरान जिला प्रशासन के आग्रह पर अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ने यह पोर्टेबल अस्पताल मुहैया कराया था। इसकी खास बात यह है कि इसे एक से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है।
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पोर्टेबल अस्पताल के अलग-अलग कंपार्टमेंट हैं। इन्हें मिलाकर एक अस्पताल तैयार होता है। इसका ढांचा लोहे का है। यह आसानी से एक से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। अगर इस पोर्टेबल अस्पताल का सदुपयोग किया जाए तो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा। मरीजों को भी लाभ मिलेगा।

-आज तक नहीं हुई स्टाफ की तैनाती
वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग को यह पोर्टेबल अस्पताल मिला था। इसके बाद इसे सांवड़ पीएचसी में रखवाया गया था। जिस समय पोर्टेबल अस्पताल दिया गया, उस दौरान विभाग ने प्रशासन से इसके लिए चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी मांगा था। तब से लेकर अब तक पोर्टेबल अस्पताल के लिए स्टाफ नहीं मिल पाया है।

पोर्टेबल अस्पताल में ये हैं सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले का पहला पोर्टेबल अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें एक आईसीयू और तीन सामान्य वार्ड बनाए गए हैं। आईसीयू वार्ड में 8 बेड और 5 वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाएं हैं। सामान्य वार्डों में 14-14 बेड हैं। आईसीयू सहित सभी वार्डों में चिकित्सकों के लिए चैंबर भी बनाए गए हैं। अस्पताल के सभी हिस्से तैयार होकर दादरी पहुंचे थे, जिसके बाद इन्हें आपस में जोड़ा गया।

- विभाग कर सकता है सदुपयोग
स्वास्थ्य विभाग अगर चाहे तो इस पोर्टेबल अस्पताल का सदुपयोग कर सकता है। इसे नागरिक अस्पताल में मंगवाकर कोई न कोई चिकित्सीय सुविधा इसमें शुरू की जा सकती है। वैसे भी नागरिक अस्पताल में जगह का अभाव होने से अधिकारी सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ा पा रहे हैं। फिलहाल, नागरिक अस्पताल के नए और पुराने दोनों भवनों के पास जगह खाली है। इसमें पोर्टेबल अस्पताल शुरू किया जा सकता है।
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- पीडब्ल्यूडी की मदद से सिरे चढ़ेगी योजना
जानकारों की मानें तो पोर्टेबल अस्पताल को सांवड़ से दादरी शिफ्ट करने में स्वास्थ्य विभाग को पीडब्ल्यूडी की मदद लेनी होगी। शिफ्टिंग का एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी की ओर से ही तैयार किया जाना है। एस्टीमेट को मुख्यालय भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद यह योजना सिरे चढ़ेगी। लंबी प्रक्रिया को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग को अभी से इस तरफ ध्यान देना चाहिए। ताकि, खर्च की गई डेढ़ करोड़ की राशि का सदुपयोग हो सके।

वर्सन:
जल्द ही पोर्टेबल अस्पताल को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट कर देंगे। इससे पहले इसका निरीक्षण किया जाएगा।
-डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग
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सांवड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रखा पोर्टेबल अस्पताल। संवाद
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