चरखी दादरी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने कई महत्वपूर्ण संसाधन जुटा लिए हैं। पिछले अगर दो माह की बात करें तो एक हजार से अधिक संसाधन विभाग के पास विभिन्न माध्यम से पहुंचे हैं। एक जुलाई से लेकर 13 सितंबर तक विभाग ने 176 बेड बढ़ाए हैं, जिनमें 150 सेमिफोलर और 26 आईसीयू बेड शामिल हैं। इस समयावधि में विभाग के पास 20 वेंटिलेटर भी पहुंचे हैं। वहीं, ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हुआ है तो कोविड जांच लैब भी निर्माणाधीन है। अगले दस दिन में लैब का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा शहर के एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में 50 बेड का पहला पोर्टेबल अस्पताल भी तैयार किया जा रहा है। अगले 21 दिन के अंदर इसका ढांचा बनाकर तैयार कर दिया जाएगा।
दादरी जिले में इस समय एक कोरोना पॉजिटिव केस है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग संसाधनों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। हालांकि अभी भी जिले में विशेषज्ञों की कमी बरकरार है और संभावित तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल ऑफिसर्स को वेंटिलेटर और मशीनें प्रयोग करने के लिए ट्रेनिंग दी गई है। जून माह में कोरोना की दूसरी लहर का असर काफी हद तक कम हो गया था, लेकिन इससे पहले जिले में संसाधनों की कमी खली थी। इस कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन सिलिंडर समेत, बेड, वेंटिलेटर, नेबोलाइजर, कंसंट्रेटर, प्लस ऑक्सीमीटर, फिंगर ऑक्सीमीटर, हाई फ्लो नैजोल कैनेला जैसे आवश्यक संसाधन जुटा लिए हैं। हालांकि अभी डिमांड के अनुरूप इन संसाधनों की संख्या और बढ़नी है। कोविड जांच के लिए जिले में अभी भी प्रतिदिन 600 से अधिक लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य भी निरंतर जारी है। हालांकि बाजार समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोग लापरवाही भी बरत रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी जिले में फिलहाल एक ही कोरोना सक्रिय केस है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि विशेषज्ञों की कमी को दूर करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। हर माह इस संबंध में डिमांड मुख्यालय भेजी जा रही है। जल्द ही विशेषज्ञों की कमी दूर हो जाएगी और संसाधन जुटाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
ये मिलेगी पोर्टेबल अस्पताल में सुविधाएं
50 बेड का पोर्टेबल अस्पताल मातृ-शिशु अस्पताल में बनाया जा रहा है। इसका निर्माण करीब आठ हजार वर्गगज जगह पर होगा। इसमें एक आईसीयू और तीन सामान्य वार्ड बनेंगे। आईसीयू वार्ड में आठ बेड समेत पांच वेंटिलेटर की सुविधा होगी। वहीं, सामान्य वार्ड में 14-14 बेड की व्यवस्था की जाएगी। आईसीयू समेत सभी वार्डों में चिकित्सकों के लिए चैंबर बनाए जाएंगे। इस अस्पताल के हिस्से बनकर पहुंचेंगे और फिर उन्हें जोड़ा जाएगा। तीन दिन पहले ही सिटीएम समेत एक टीम ने यहां का दौरा किया था। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अगल 21 दिन के अंदर ढांचा तैयार कर लिया जाएगा।
जुलाई से लेकर सितंबर तक ये मिले हैं जिले को संसाधन
संसाधन - संख्या
बेड- 176
नेबोलाइजर- 368
वेंटिलेटर-20
कंसंट्रेटर-169
ऑक्सीजन सिलिंडर- 193
प्लस ऑक्सीमीटर- 20
हाई फ्लो नेजोल कैनेला- 05
(नोट: सिलिंडर बी टाइप हैं जबकि 176 बेड में से 150 सेमिफोलर और 26 आईसीयू बेड हैं।)
ये है अब तक की जिले में कोविड की स्थिति
कुल सैंपल- 239930
पॉजिटिव केस- 5070
ठीक हुए- 4930
मौतें- 139
सक्रिय केस-01
लंबित रिपोर्ट- 247
टीकाकरण- 4.7 लाख
वर्जन::
संसाधनों की कमी को हम दूर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। कुछ आवश्यक संसाधन हमने जुटा लिए हैं जबकि विशेषज्ञों की कमी दूर करवाने के लिए हम प्रयासरत्त है। 50 बेड का पोर्टेबल अस्पताल जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए लोग एहतियात बरतें जबकि गाइडलाइन की पालना भी करते रहे।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी