चरखी दादरी। शिक्षा विभाग ने 13 पदोन्नत प्राचार्य को स्कूल अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। इसके लिए इनसे विकल्प भी मांगे गए हैं। सूत्रों के अनुसार एक सप्ताह के अंदर इन्हें स्कूल अलॉट हो जाएंगे। इनकी तैनाती के बाद भी जिले में 30 स्कूल बिना मुखिया के बचेंगे। वहां वरिष्ठ प्राध्यापक को डीडी पावर देकर काम चलाया जा रहा है।
जिले में दो माह बाद 13 प्राचार्यों को स्कूल अलॉट करने का रास्ता खुल गया है। जिले के 365 सरकारी स्कूलों में 42601 विद्यार्थी हैं। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक 15400 विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों में 70 राजकीय हाई व 50 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। सरकार ने चार अगस्त को प्रदेश में प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राचार्य बनाया था। जिले को 13 प्राचार्य मिले। अब हाल ही में शिक्षा विभाग ने इन प्राचार्यों से ऑनलाइन स्कूल ऑप्शन मंागें हैं। इनमें ऑप्शन में 27 स्कूलों दर्शाए गए थे। चार अक्टूबर तक ऑनलाइन ऑप्शन भरवाए गए हैं। एक सप्ताह में इन प्राचार्यों को स्कूल अलॉट हो जाएंगे।
पदोन्नत प्राचार्यों को दी जा चुकी ट्रेनिंग
जिन 13 शिक्षकों को प्राचार्य की पदोन्नित मिली है, उन्हें विभाग प्रशिक्षण भी दे चुका है। स्कूल अलॉट न होने के चलते उनकी हाजिरी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लग रही है। पदोन्नित के बाद से इन प्राचार्य को स्कूल अलॉट होने का इंतजार है।
पद खाली होने से स्कूल प्रबंधन के कार्य हो रहे प्रभावित
अब जिले के स्कलों में प्राचार्य के 30 पद और खाली रह जाएंगे। ऐसे में स्कूलों में प्राचार्यों के पद खाली होने से स्कूल प्रबंधन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्राचार्य व स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा ही स्कूल विकास की नीतियां तैयार होती हैं। शिक्षकों व अन्य स्टाफ के वेतन या अन्य प्रकार के दस्तावेजों को प्राचार्य ही सत्यापित करता है। इस समय इन स्कूलों में सीनियर प्राध्यापकों को चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है, लेकिन उससे सभी प्रकार के कामकाजों का निपटान नहीं हो पाता है। मेडिकल क्लेम संबंधी मामले पेंडिंग रह जाते हैं। प्राचार्य को स्कूल के फंड आदि को खर्च करने की पावर होती है। प्रत्येक स्कूल में बाल कल्याण कोष, रेडक्रॉस सोसायटी फंड, स्पोट्र्स फंड, बिल्डिंग फंड आदि होते हैं जिनको जरूरत के अनुसार स्कूल मुखिया इस्तेमाल कर सकता है।
जल्द स्कूल अलॉट करवा दिए जाएंगे
जल्द ही इन प्राचार्यों को स्कूल अलॉट करवा दिए जाएंगे। इनसे ऑनलाइन स्कूल च्वाइस भरवा ली गई हैं। इस समय इन प्राचार्यो की हाजिरी डीईओ कार्यालय में लगवाई जा रही है।
-जयप्रकाश संभ्रवाल, डीईओ