चरखी दादरी। शेड्यूल और अघोषित बिजली कटों से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है। विद्युत कटौती के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं। सिविल अस्पताल के अलावा एमसीएच (मातृ शिशु अस्पताल), तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर बिजली कटों के चलते ओपीडी समेत अन्य सेवाएं प्रभावित हैं। अहम बात यह है कि सिविल अस्पताल को छोड़कर बाकी 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर जेनरेटर की व्यवस्था तक नहीं है। दिन के समय लगने वाले बिजली कटों से स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं की ‘सेहत’ बिगड़ गई है। गर्मी में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें से सिविल अस्पताल और बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही हॉटलाइन से कनेक्ट हैं। वहीं, सिविल अस्पताल में जेनरेटर की सुविधा भी है। 17 स्वास्थ्य केंद्रों हॉट लाइन से कनेक्ट नहीं हैं, जबकि इनमें जेनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। ये सभी स्वास्थ्य केंद्र पूर्णतया बिजली निगम की आपूर्ति पर निर्भर हैं। इन दिनों बिजली किल्लत के चलते लगातार पावर कट लग रहे हैं। इसका असर इन सभी स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ओपीडी और अन्य सेवाएं प्रभावित हैं।
करीब तीन माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के पास 15 जेनरेटर की डिमांड भेजी थी। प्रशासन ने रेडक्रॉस फंड से जेनरेटर की खरीद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक जेनरेटर खरीद नहीं की गई है। जबकि यहां बिजली कटों का खेल जारी है और गर्मी में मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
यूं झेल रहे 1200 मरीज दिक्कतें
सिविल अस्पताल की अगर बात करें तो दैनिक ओपीडी 600 रहती है। इसी प्रकार एमसीएच की दैनिक ओपीडी करीब 70 रहती है। तीनों सीएचसी की दैनिक ओपीडी करीब 200 रहती है। इसके अलावा 12 पीएचसी की ओपीडी 350 तक रहती है। इस लिहाज से बिजली कटों के चलते प्रतिदिन जिले में करीब 1200 मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
15 डिलिवरी हट की सेवाओं पर भी पड़ रहा असर
बिजली कटों का असर जिले के 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाए गए डिलिवरी हट की सेवाओं पर भी पड़ रहा है। एक माह में स्वास्थ्य केंद्रों के इन हट में करीब 15 डिलिवरी की जाती हैं। कई दफा तो डिलिवरी के बीच में ही लाइट चली जाती है और लंबा कट लगने पर यहां रखे इंवर्टर भी सीटी मार जाते हैं।
ओपीडी पर्ची से लेकर डॉक्टर की रिपोर्ट तक ऑनलाइन
सिविल अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग हाईटेक बना चुका है। यहां पिछले करीब एक साल से ओपीडी पर्ची से लेकर टेस्ट रिपोर्ट तक ऑनलाइन ही दी जाती है। सिविल अस्पताल के सभी कक्ष में कंप्यूटर के साथ इंटरनेट की व्यवस्था है। लंबे समय तक बत्ती गुल रहने से यहां भी ऑनलाइन सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
जेनरेटर की डिमांड हमने भेजी हुई है। जल्द ही जेनरेटर मिलने की उम्मीद है। इसके तुरंत बद हम सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जेनरेटर सुविधा शुरू कर देंगे। बिजली कटों के चलते ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है, जबकि सिविल अस्पताल में जेनरेटर की सुविधा है। - डॉ संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
बिजली आने का इंतजार करते सिविल अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज और तीमारदार।- फोटो : CharkhiDadri