चरखी दादरी। दिवाली के बाद से जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार की अगर बात करें तो जिले में प्रदूषण का अधिकतम स्तर 468 एक्यूआई रहा, जोकि गंभीर स्थिति है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर और तापमान में आ रही गिरावट के चलते मरीजों और बुजुर्गों की सांसों पर संकट है। वहीं, जिले में 200 से अधिक क्रशर के बिजली कनेक्शन काटने से करीब 20 हजार लोगों के रोजगार पर संकट मंडरा गया है। क्रशर एसोसिएशन ने सभी जोन में बिजली आपूर्ति बाधित करने पर रोष जताया है।
नीचे जा रहे तापमान के ग्राफ के बीच प्रदूषण का बढ़ा स्तर वैसे तो हर वर्ग के लिए मुसीबत है, लेकिन क्रशर जोन में काम करने वाले करीब 20 हजार श्रमिकों और चालकों पर इसकी अब मार पड़ी है। पिछले दो दिनों से सभी सात जोन में स्थिति 200 क्रशरों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है और इसके चलते क्रशर जोन का करोड़ों का कारोबार प्रतिदिन प्रभावित हो रहा है। वहीं, सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। अकेले अगर अटेला क्रशर जोन की बात करें तो एक माह में करीब 36 करोड़ के बिजली बिल की अदायगी की जाती है। एक क्रशर संचालक के अनुसार प्रत्येक जोन का प्रतिमाह बिजली बिल 20 करोड़ से अधिक बनता है और इसके अलावा हर साल करोड़ों का राजस्व भी क्रशरों के काम के जरिये सरकार के कोष में जमा होता है। चरखी दादरी जिले के क्रशर जोन से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक डंपर निर्माण सामग्री लेकर गुजरते हैं और पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से यहां काम ठप पड़ा है।
वहीं, दूसरी ओर प्रदूषण का साइड इफेक्ट स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। दिवाली के बाद से सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी सामान्य दिनों के मुकाबले 15 से 20 फीसदी अधिक चल रही है। एक नवंबर के बाद से 600 से अधिक मरीज प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से 50 से अधिक मरीज सांस संबंधी जबकि 60 से अधिक मरीज आंखों में जलन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। गिरते तापमान और बढ़ते प्रदूषण के स्तर के बीच स्वास्थ्य विभाग लोगों से एहतियात बरतने की अपील कर रहा है।
- शुक्रवार को ये रहे प्रदूषण के हालात हालात
जिले में शुक्रवार को पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 468 एक्यूआई और न्यूनतम स्मर 124 एक्यूआई दर्ज किया गया। पीएम 10.0 का अधिकतम स्तर 412 और न्यूनतम स्तर 253 एक्यूआई दर्ज किया गया। वातावरण में सॉडियम डाई ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 61 और न्यूनतम 44 रही। इसी प्रकार सॉडियम ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 5 और न्यूनतम मात्रा 4 रही। कार्बन ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 95 और न्यूनतम 68 रहा।
प्रदूषण का स्तर स्थिति
0-50 एक्यूआई अच्छा
51-100 एक्यूआई संतोषजनक
101-200 एक्यूआई मध्यम
201-300 एक्यूआई खराब
301-400 एक्यूआई बेहद खराब
400- 500 एक्यूआई गंभीर
पिछले पांच दिनों में ये रहा प्रदूषण का स्तर
तारीख - प्रदूषण (अधिकतम स्तर)
12 नवंबर 468
11 नवंबर 333
10 नवंबर 342
9 नवंबर 354
8 नवंबर 359
सात से 11 नवंबर तक तापमान की ये रही है स्थिति
तारीख अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
11 नवंबर 28.3 12.8
10 नवंबर 28.5 12.9
9 नवंबर 28.3 13.3
8 नवंबर 26.7 13.9
7 नवंबर 26.9 14.0
एक्सपर्ट व्यू : प्रदूषण और ठंड में रखे विशेष ध्यान : डॉ. गुप्ता
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण के बढ़े स्तर और मौसम के बदलते मिजाज के बीच विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। खासकर बुजुर्ग, श्वास रोगी और बच्चे इनकी चपेट में अधिक आते हैं। घर वापस आते ही मुंह और आंखों को ठंडे पानी से अवश्य धोएं।
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वर्जन ::
सरकार के निर्देशों पर हमने जिले के सभी क्रशरों में बिजली आपूर्ति बाधित की है। अगले आदेश मिलने तक यह व्यवस्था रहेगी।
सचिन यादव, एक्सईएन, बिजली निगम
वर्जन :
क्रशरों से प्रदूषण नहीं फैलता। जिले के क्रशर जोन का पहले भी टीमें निरीक्षण करके जा चुकी हैं। क्रशर बंद होने से करीब 20 हजार लोगों के रोजगार पर संकट गहरा गया है। सरकार और बिजली निगम को क्रशरों की बिजली आपूर्ति बहाल करनी चाहिए। इससे क्रशरों संचालकों के अलावा सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
सोमबीर घसोला, प्रधान, जिला क्रशर एसोसिएशन