चरखी दादरी। मौसम मेें परिवर्तन के चलते जिला नागरिक अस्पताल में खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और चर्म रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पहले जहां ओपीडी में औसतन 700 मरीज आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 1000 तक पहुंच गई है। इनमें अधिकतर मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
सामान्य रोग विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों अस्पताल में आने वाले अधिकतर मरीजों को बुखार, जुकाम, उल्टी, दस्त, डीहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याएं हो रही हैं। शुक्रवार को अस्पताल में पूछताछ के दौरान सामने आया कि 80 मरीज उल्टी, 30 दस्त, 126 पानी की कमी और 120 चर्म रोग से पीड़ित थे। महिलाएं भी गर्मी से जुड़ी कई परेशानियों को लेकर इलाज के लिए पहुंचीं।
चिकित्सकों ने बताया कि गर्मी के मौसम में बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पानी भरपूर पीना चाहिए और खानपान संतुलित रखना जरूरी है। मसालेदार और तली हुई चीजों से परहेज करना चाहिए।
डेंगू और मलेरिया से भी खतरा
चिकित्सकों ने चेताया कि इस मौसम में डेंगू और मलेरिया के मामले भी बढ़ सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि लोग अपने घरों और आसपास जलभराव न होने दें। साफ-सफाई बनाए रखें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का प्रयोग करें।
चर्म रोग का कारण दूषित जल
बारिश के कारण कई गलियों में दूषित पानी जमा हो जाता है। इससे राहगीरों को गुजरने में परेशानी होती है और बार-बार दूषित जल के संपर्क में आने से चर्म रोग फैलते हैं। गर्मी के मौसम में फंगल संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए।
मौसम में बदलाव के कारण अस्पताल में खांसी, बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गर्मी में सावधानी रखना बेहद जरूरी है क्योंकि अधिकतर बीमारियां पर्याप्त पानी न पीने और लापरवाही से होती हैं।
— डॉ. राहुल अरोड़ा, प्रवक्ता, नागरिक अस्पताल