जिले में डेंगू का डंक घातक साबित हो रहा है। पिछले छह दिनों में मरीजों का आंकड़ा दोगुना बढ़ चुका है। शुक्रवार को सात नए मरीज सामने आए। अमर उजाला की टीम ने पड़ताल कि तो आमजन के साथ जनस्वास्थ्य विभाग भी मच्छरजनित बीमारियों के लिए जिम्मेदार नजर आया। बूस्टिंग स्टेशनों की टंकियों की लंबे समय से सफाई नहीं करवाई गई है, जिस कारण वहां लारवा पनप रहा है।
हालांकि शुक्रवार को उपायुक्त के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की रोहतक में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें मच्छरों की रोकथाम पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में बारिश के पानी की निकासी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद में रिक्त अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति की मांग भी उठाई। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को बीमारियों के खिलाफ जागरूक करेंगी।
बता दें कि शहर की अधिकतर कॉलोनियों से अभी तक बारिश के पानी की निकासी नहीं हुई है। पिछले छह दिन में ही डेंगू मरीजों का आंकड़ा दोगुना बढ़ गया है। यानी दो अक्तूबर तक जहां डेंगू के 17 केस थे, वहीं अब मरीजों की संख्या 35 तक पहुंच गई है। ऐसे में विभाग को पिछले वर्ष की तरह ही ज्यादा बढ़ने की चिंता सता रही है। पिछले वर्ष डेंगू के 138 केस सामने आए थे। अब तक जिले 35 मरीजों में 23 मरीज शहरी क्षेत्र और 12 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से है। नए मिले सात मरीजों में पांच चरखी दादरी शहरी क्षेत्र, एक गौरेया और एक मालपोष गांव से है। अब तक विभाग की ओर से 41900 टेस्ट स्लाइड बनाई जा चुकी हैं। शुक्रवार को रोहतक में एसीएस ने जिला प्रशासन के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें डेंगू के अलावा कोरोना की तीसरी लहर के खतरे, वैक्सीनेशन, अनीमिया पर भी विचार विमर्श किया गया।
जमा बरसाती पानी निकालने पर फोकस, मांगे अधिकारी
शहर में पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अभी भी काफी क्षेत्रों, कॉलोनियों में भरा है। जहां मच्छर पनप रहे हैं और बीमारियों का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बैठक में पानी निकासी पर फोकस किया गया। जिला प्रशासनिक अधिकारियों को पानी निकासी के लिए निर्देश दिए गए। वहीं उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने नगर परिषद में रिक्त कार्यकारी अधिकारी पद और जनस्वास्थ्य विभाग में रिक्त अधिकारियों के पद भरने की भी सिफारिश की ताकि पानी निकासी में मदद मिल सके। ये अधिकारी ही मांगों व प्रस्तावों को स्वीकृति देते है।
स्वास्थ्य विभाग भी पानी निकासी को उठाएगा कदम
बेशक शहर की कॉलोनियों में भरे बरसाती पानी की निकासी की मुख्य जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की है। मगर जब जनस्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रहा है तो स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर भी प्रयास करने का निर्णय लिया ै। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग एमसीएच मातृ शिशु अस्पताल और सामान्य अस्पताल परिसर से स्वयं ही पानी निकालने की तैयारी कर ली है और इसके लिए पंप सेट खरीदे जाएंगे। इन दोनों जगहों से पानी निकासी के बाद आसपास के क्षेत्रों से पानी की निकासी की जाएगी।
अब नोटिस नहीं चालान
डेंगू के बढ़ते केसों के बाद गंभीर स्वास्थ्य विभाग ने अब लारवा मिलने पर नोटिस की बजाए चालान करने का निर्णय लिया है। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें करीब आठ सौ लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस थमा चुकी है। अब चालान काटो अभियान शुरू किया जाएगा और लारवा मिलने पर चालान कर 200 से 2000 रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा।
वर्जन
डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे है। जिले में 35 मरीज सामने आ चुके है। टेस्टिंग भी बढ़ाई गई है। आज रोहतक में हुई बैठक में भी इस पर विचार-विमर्श किया गया। अब लारवा मिलने पर नोटिस की जगह चालान किया जाएगा। लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। खासकर तरल पदार्थ के ज्यादा सेवन खासकर पानी पीने के प्रति। इसके अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, सामान्य अस्पताल व आसपास के क्षेत्रों से पानी निकासी पर भी फोकस किया जाएगा। बैठक में भी शहर में अलग-अलग जगह बरसाती पानी निकासी पर चर्चा हुई।
डॉ. गौरव भारद्वाज, जिला नोडल ऑफिसर