चरखी दादरी। लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा शुरू नहीं कर पाया है। वहीं, पिछले छह सालों से मरीजों को दोनों स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए भिवानी रेफर किया जा रहा है। एक साल में औसतन दो हजार से अधिक मरीज सीटी स्कैन और एमआरआई कराने भिवानी जा रहे हैं।
दूसरी ओर नागरिक अस्पताल में ही दोनों सेवाएं करने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवा नहीं है। यहां से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी भेजा जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर छह कैटेगरी को इन सुविधाओं का लाभ निशुल्क मिलता है, जबकि अन्य लोगों के लिए रेट निर्धारित हैं। ये रेट निजी केंद्रों के मुकाबले आधे ही हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर आधे रेट में एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के लिए जिले के मरीजों को भिवानी आने-जाने में करीब 70 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। फिलहाल प्रतिमाह 180-200 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
50 प्रतिशत रेट पर सेवा लेने में दिक्कतें बड़ी
फिलहाल जो व्यवस्था है उसके मुताबिक एजेंसी ने नागरिक अस्पताल में कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। वे मरीज को पर्ची देकर भिवानी भेजते हैं। वहां एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के अगले दिन मरीज को रिपोर्ट मिलती है। वहीं, कुछ मरीज तो भिवानी जाने के झंझट से बचने के लिए सरकारी के मुकाबले दोगुने रेट पर निजी केंद्रों पर जाकर ये दोनों टेस्ट करवा रहे हैं।
जानिये....कैसे रेफर किए जा चुके हैं 10 हजार से अधिक मरीज
जनवरी 2018 में दादरी से मरीजों को भिवानी रेफर करने की शुरुआत की गई थी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन में एक कक्ष बनाया गया है। शुरुआती साल में तो प्रतिमाह 50 ही मरीज रेफर किए गए, जबकि दूसरे साल इनकी संख्या 125 पहुंच गई। इसके बाद से प्रतिमाह 180-200 मरीज भिवानी रेफर किए जा रहे हैं। इस लिहाज से यह आंकड़ा करीब 10 हजार से अधिक बनता है।
इन कैटेगरी के लिए निशुल्क है सुविधा
सरकार की ओर से छह कैटेगरी के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन की निशुल्क सुविधा का प्रावधान किया गया है, जबकि बाकी कैटेगरी के रेट डीजी ऑफिस से तय किए गए हैं। प्राइवेट के मुकाबले ये रेट आधे ही हैं। सरकारी कर्मचारी, बीपीएल कार्डधारक, एससी वर्ग, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग व हादसा ग्रस्त मामले में ये दोनों सेवाएं निशुल्क हैं।
सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा शुरू करने के लिए जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द दोनों सेवाएं नागरिक अस्पताल में शुरू की जाएं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तब तक मरीजों को भिवानी रेफर किया जा रहा है। - डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी