चरखी दादरी। रजिस्ट्री कार्य की आड़ में अधिकारियों व कर्मचारियों पर वसूली करने का आरोप है। ये मामला संज्ञान में आने पर डीसी मनदीप कौर ने जांच का आदेश दे दिया है। साथ ही उन्होंने जिला परिषद सीईओ प्रदीप कौशिक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी की ओर से एसडीएम, डीआरओ व नायब तहसीलदार को छह मई को जांच में शामिल होने के लिए कार्यालय बुलाया गया है। बाकायदा इस संबंध में जांच अधिकारी ने तीनों को पत्र भी भेजा है।
बता दें कि पिछले सप्ताह शहर निवासी जितेंद्र जटासरा ने डीसी से मुलाकात की थी। उन्होंने अधिकारियों पर नियमों को ताक पर रखकर रजिस्ट्री करने के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का कहना था कि प्रॉपर्टी आईडी पर एतराज लगाकर अधिकारी रजिस्ट्री नहीं करते। अगर कोई उनकी बताई जगह पर रुपये दे देता है तो उसका काम कर दिया जाता है और ऐसा न करने पर रजिस्ट्री लटका दी जाती है।
ये गड़बड़झाला सामने आने पर डीसी मनदीप कौर ने त्वरित एक्शन लेते हुए जांच के आदेश दे दिए। इतना ही नहीं जिला परिषद सीईओ को जांच अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है। डीसी की ओर से दिए गए आदेश पर अमल करते हुए जिला परिषद सीईओ कार्यालय की ओर से 2 मई को पत्र क्रमांक/2024/6421-23 जारी किया गया। ये पत्र एसडीएम नवीन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार व नायब तहसीलदार अभिमन्यु को भेजा गया है। पत्र का विषय रजिस्ट्री बनाने में प्रॉपर्टी आईडी का एतराज लगाकर रुपये ऐंठना है।
इस संबंध में गत सप्ताह एक शिकायत मिली थी। सीईओ जिला परिषद को यह जांच सौंपी गई है। सीईओ जिला परिषद ने इस जांच के लिए सोमवार को एसडीएम, डीआरओ और तहसीलदार को बुलाया है।
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