चरखी दादरी। अब किसी निजी वाहनों में स्कूली बच्चे सफर नहीं करेंगे। यातायात नियमों को पूरा करने वाले वाहनों में ही विद्यार्थियों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। जो स्कूल वाहन सड़क सुरक्षा पॉलिसी की निर्धारित शर्त पूरी नहीं कर रहा है, उसको एसडीएम तुरंत अपने कब्जे में लें।
लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि दादरी और बाढड़ा के एसडीएम स्कूल वाहनों की जांच करें। किसी वाहन में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा के बॉक्स, सरकारी सहायता नंबर, हेल्पर, सीसीटीवी कैमरे नहीं पाया जाता है तो उसका चालान किया जाए। इसी प्रकार छात्राएं बस में सफर कर रही हैं तो एक महिला सहायक बस में होनी चाहिए। वाहन की गति नियंत्रित हो और वह ओवरस्पीड नहीं भाग रहा हो, अन्यथा चालान किया जाएगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा उनकी पहली जिम्मेदारी है। उपायुक्त ने काॅलेज प्रिसिंपल और जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए कि 18 साल से कम आयु का विद्यार्थी स्कूल में बाइक लेकर आ रहा है तो उसे थाने में जब्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि काॅलेज में बालिग छात्र हेलमेट लगाकर वाहन चलाएंगे। बगैर हेलमेट कोई विद्यार्थी बाइक लेकर नहीं आएगा। शिक्षा अधिकारी स्कूल, काॅलेज में जाकर इसका निरीक्षण करेंगे।
आई टेस्ट फेल है तो ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द
उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा है कि जिन चालकों की दृष्टि ठीक नहीं पाई जाती है तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि नेत्र जांच शिविर लगाकर बस व अन्य वाहन चालकों के आई टेस्ट करवाए जाएं। जो भी वाहन चालक आई टेस्ट में फेल हो जाता है, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।