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Charkhi Dadri News: किसान चौड़ी और भिड़ी पत्ती वाली फसल में टू फॉर डी दवा का न करें छिड़काव

Sat, 07 Dec 2024 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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कृषि समाचार::
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पहली सिंचाई के बाद फसल में उग जाते हैं खर-पतवार, टू फॉर डी दवा का छिड़काव फायदे के बजाय करता है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसान चौड़ी व भिड़ी पत्ती वाली रबी की फसल में टू फॉर डी दवा का छिड़काव न करें। इससे फायदा के बजाय नुकसान हो जाएगा। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान एलग्रिप दवा का खर-पतवार नाशक के रूप में छिड़काव करें। यह दवा काफी कारगर साबित हो रही है।
जिले में सरसों की बिजाई का आंकड़ा एक लाख 40 हजार एकड़ व गेहूं की बिजाई 90 हजार एकड़ में हो चुकी है। गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य चल रहा है। वहीं, रबी सीजन की जिले में गेहूं, जौ, चना, सरसों, बरसीम व जई प्रमुख फसल हैं। इनके अलावा सब्जियों में मटर, टमाटर, गोभी, आलू, पालक व मेथी की भी खेती की जाती है।
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इस समय किसानों ने सरसों व गेहूं की अगेती फसल में पहली सिंचाई कर दी है। सिंचाई के बाद फसल में खर-पतवार उग जाता है। यह फसल की बढ़ोतरी एवं विकास में बाधक बनते हैं। खर-पतवार की वजह से फसली पौधा कमजोर पड़ जाता है। इससे आगे चलकर औसत पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। खरपतवार के रूप में दूधी, मेथा, दूर्वा आदि अपने उग जाते हैं। ये फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।

- इन बातों का ध्यान रखें किसान
कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान चौड़ी पत्ती व भिड़ी पत्ती वाली फसल में टू फॉर डी दवा का छिड़काव न करें। इससे फसली पौधे में नुकसान हो जाता है। कई बार पौधा जलकर नष्ट हो जाता है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि खर-पतवार उग जाने पर फसल में एलग्रिप दवा का छिड़काव करें। प्रति एकड़ आठ ग्राम दवा का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर इसका छिड़काव किया जा सकता है। यह दवा फसल में नुकसान नहीं करेगी और खरपतवार खत्म हो जाएगा।

- दवा से बेहतर है हाथ से खर-पतवार उखाड़ना
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खर-पतवार नाशक दवा का छिड़काव तो आखिरी हथियार है। खर-पतवार को कसौला से नलाई कर उखाड़ना सबसे बेहतर उपाय है। नलाई करने से सभी खर-पतवार जड़ से खत्म हो जाएंगे और खेत में केवल फसली पौधा ही बचेगा। इससे औसत पैदावार प्रति हेक्टेयर एक क्विंटल ज्यादा हो सकती है।
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वर्सन:
खर-पतवार को कसौला से नलाई कर उखाड़ना सबसे बेहतर उपाय है। नलाई करने से सभी खर-पतवार जड़ से खत्म हो जाएंगे। किसान चौड़ी व भिड़ी पत्ती वाली फसल में टू फॉर डी दवा का छिड़काव न करें। इससे फायदा के बजाय नुकसान हो जाएगा।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटाे 26
दादरी क्षेत्र के खेत में खड़ी सरसों की फसल। फाइल फोटो
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