शहर के वार्डों की ठप सीवर व्यवस्था के चलते पार्षदों ने लामबंद होकर रविवार को समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का दौरा किया और पानी उठान की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि तिकोना पार्क से लेकर ढाणी फाटक तक मुख्य 36 इंच लाइन का 400 मीटर लंबा टुकड़ा ब्लॉक है, जिसके चलते 60 एचपी( हॉर्स पावर) की मोटर चलाने के बाद भी मुख्य लाइन से सीवरेज के पानी का उठान नहीं हो पा रहा है। इस कारण वार्डों की सीवर लाइनें बैक मार रही हैं। इसके बाद पार्षदों ने रोष जताते हुए एक सप्ताह में सीवरेज समस्या का हल न होने पर छह सितंबर को प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
रविवार सुबह 10 बजे पार्षद महेश गुप्ता, मनोज वर्मा, दिनेश जांगड़ा और पार्षद प्रतिनिधि सुभाष स्वामी समसपुर एसटीपी पर पहुंचे। उनके साथ वार्डों की महिलाओं समेत करीब 15 लोग भी पहुंचे। इस दौरान पार्षदों ने सीवर लाइनों से हो रहे पानी के उठान का जायजा लिया। ऑपरेटर ने कहा कि प्रतिदिन करीब 20 घंटे मोटर चलाकर शहर की 36 इंच और 26 इंच सीवर लाइनों से पानी का उठान किया जा रहा है।
एसटीपी कर्मचारियों से बातचीत के दौरान पार्षदों के सामने आया कि तिकोना पार्क से लेकर ढाणी फाटक तक शहर की मुख्य 36 इंच लाइन 400 मीटर की दूरी में ब्लॉक पड़ी है। अलग-अलग वार्डों की सीवर लाइनें भी इसी मुख्य लाइन से जुड़ी हुई हैं। मुख्य लाइन ब्लॉक होने के कारण एसटीपी पर पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। समसपुर एसटीपी की क्षमता 5 एमएलडी है। वार्डों में गहराई सीवरेज व्यवस्था पर पार्षदों और लोगों ने रोष जताया। वहीं, पार्षदों ने कहा कि छह सितंबर रविवार को प्रत्येक वार्ड से 200 लोग शहर के लाला लाजपतराय चौक पर सुबह दस बजे पहुंचेंगे। इसके बाद शहर में सीवरेज समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा और डीसी शिवप्रसाद शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इन दो मुख्य लाइनों से होती है शहर के दूषित पानी की निकासी : समसपुर एसटीपी से 36 और 26 इंच की दो मुख्य लाइनें जुड़ी हैं। 36 इंच की लाइन वाया तिकोना पार्क होते हुए एसटीपी तक पहुंचती है। इस लाइन से वार्ड-10, तीन, छह, सात, आठ, नौ, 11, 12, 14 की सीवर लाइनों के दूषित पानी का उठान होता है। 26 इंच की लाइन रोहतक चौक से लेकर वाया चंपापुरी होते हुए एसटीपी तक पहुंचती है। इस लाइन से वार्ड एक, 17, 18, 19, 20, 21 जुड़े हैं।
तीन साल से बंद है रामनगर एसटीपी की मोटरें : शहर का दूसरा एसटीपी चिड़िया रोड पर रामनगर गांव के पास है। इस एसटीपी की क्षमता भी 5 एमएलडी है। पिछले तीन साल से इस एसटीपी की 36 इंच लाइन डैमेज है। इसके कारण एसटीपी की मोटरें बंद पड़ी हैं। इससे जुड़े वार्डों में सीवर लाइनों से दूषित पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। वार्डों में खुली जगहों पर दूषित पानी निकाला जा रहा है।
समसपुर एसटीपी का टैंक ओवरफ्लो, खेतों में भरा पानी : समसपुर एसटीपी का एक टैंक एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहित किया जा चुका है। इसके चलते अब एक ही स्टोरेज टैंक बच गया है। यह टैंक ओवरफ्लो हो रहा है। इसके चलते खेतों में शहर की सीवर लाइनों का दूषित पानी भरा हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक रामनगर एसटीपी की लाइन को नहीं बदलवाया है।