चरखी दादरी। पर्यावरण को बचाने की चुनौती आज राष्ट्र व समाज के सामने प्रमुख है। पर्यावरण संरक्षित रखने के लिए पेड़-पौधे व वनस्पति सबसे कारगर माध्यम है। संत नितानंद महाराज ने अपने राजसी ठाठ-बाट छोड़कर पेड़-पौधे और प्रकृति के सानिध्य में साधना व तपस्या की थी। उनका 226वां निर्वाण दिवस पर्यावरण संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने बताया कि 24 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भारतवर्ष के संत-महात्मा पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आशीर्वाद देंगे। इस मौके पर भंडारा व पर्यावरण पर विचार मंथन गोष्ठी समेत सत्संग का आयोजन भी होगा। इसमें प्रदेश के कोने-कोने से आकर श्रद्धालु पौधों और नितानंद महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता का भाव प्रकट करेंगे। उन्होंने लोगों को इस पर्यावरण संरक्षण महाकुंभ में पहुंचने का निमंत्रण दिया है।
51 हजार पौधे वितरित कर संरक्षित करने का दिलाएंगे संकल्प
महंत ने बताया कि इस मौके पर 51 हजार पौधे वितरित करके उन्हें संरक्षित करने का संकल्प कराया जाएगा। इस बार 81,225 पौधे का लगाने का लक्ष्य नितानंद मिशन फाउंडेशन ने पूरा कर लिया है। अब इन पेड़ पौधों को संरक्षित करने की योजना रचना तैयार की जाएगी।