चरखी दादरी। गांव इमलोटा स्थित राजकीय स्कूल का मौजूदा भवन 50 साल पुराना है। रखरखाव के अभाव में अब यह भवन जर्जर हो चुका है। इसलिए शिक्षा विभाग अब वहां नया भवन जल्द बनवाएगा। इस भवन पुनर्निर्माण की परियोजना को स्वीकृति के साथ बजट भी मिल चुका है। भवन निर्माण संबंधी टेंडर प्रक्रिया जल्द होने ही उम्मीद है।
जिले में पुराने समय के दौरे में लोग चंदा एकत्रित कर स्कूल भवनों का निर्माण करवाते थे। आधुनिक दौर में चंदा एकत्रित करके स्कूल निर्माण की परिपाटी खत्म हो चुकी है। अब तो मरम्मत से लेकर भवन निर्माण तक सरकार को ही करवाना होता है। जिला के काफी स्कूल मरम्मत भी मांग रहे हैं। गांव इमलोटा का स्कूल काफी पुराना है। इस गांव की आबादी भी करीब 15,000 से ज्यादा है। ऐसे में यहां छात्र-संख्या भी संतोषजनक रही है।
पहले इस स्कूल में आसपास के चार-पांच गांवों से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। आसपास के गांवों के विद्यार्थी तीन से चार किलोमीटर तक पढ़ने के लिए पैदल जाते थे। उस समय हाईस्कूल और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीमित संख्या में होते थे। अब तो इमलोटा के साथ लगते गांव मोरवाला, भागवी, बिगोवा, सरुपगढ़-सांतौर में भी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खुल गए हैं। ऐसे में छात्र-संख्या बंट गई है।
- एक साल के अंदर तैयार होगा नया भवन
अब अरसे के बाद इमलोटा स्कूल भवन का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां सरकार नया भवन बनाएगी। इसके लिए चार करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया है। जल्द ही टेंडर लगाए जाने हैं। करीब एक साल में यह भवन बनकर तैयार होने की उम्मीद है। भवन आधुनिक रूप में बनेगा। इसमें पेयजल, बिजली, शौचालय, खेल मैदान और लैब आदि सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से सभी जर्जर स्कूलों की सुध ली जा रही है। इमलोटा के नए स्कूल भवन के लिए चार करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। जल्द ही टेंडर लगाए जाने हैं। कार्यादेश जारी होते ही स्कूल भवन का निर्माण तेजी से शुरू होगा। - जयवीर सिंह, एसडीओ, समग्र शिक्षा, चरखी दादरी।