मेघालय के राज्यपाल प्रोफेसर सत्यपाल मलिक का कहना है कि किसान आंदोलन में दर्ज मुकदमों को रद्द करने के साथ सरकार को एमएसपी को कानूनी अमलीजामा पहनाने का काम ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। सरकार अगर यह सोच रही है कि आंदोलन खत्म हो चुका है, तो यह गलत है।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक का पहले कितलाना टोल प्लाजा पर रविवार को आयोजित पंचायत में भी भाग लेने का कार्यक्रम था, लेकिन ये रद्द हो गया। कार्यक्रम में न जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि मैं आयोजन में नहीं गया हूं, इसका मतलब ये कतई नहीं है कि मैं महापंचायत की निंदा करता हूं, लेकिन मेरा वहां कार्यक्रम में जाकर खुद को उनसे जोड़ना आज के दिन सही नहीं है।
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नगर आगमन पर स्थानीय लाधान पाना निवासियों ने समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि इस समय क्षेत्र में तालाबों की दशा खराब है। तालाबों की जल संग्रहण व वाटर रिचार्ज में विशेष भूमिका है और ऐसे में अस्तित्व खो रहे तालाबों का संरक्षण और सुंदरीकरण होना चाहिए। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शहर में सम्राट फौगाट के निवास पर लोगों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल ने शहर में अपने पुराने परिचितों का हालचाल जाना। सत्यपाल मलिक ने कहा कि शिक्षा व संस्कारों से देश की उन्नति संभव है।
इस क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा के महत्व को समझे, अपने बच्चों को पढ़ाएं व उनमें संस्कार पैदा करें। इस अवसर पर कर्मबीर नांदल, शैलेंद्र सांगवान, बृजमोहन, राजकुमार फौगाट, दिलबाग सिंह, देवेंद्र फौगाट, बलवान दहिया, हंसराज, विजय कुमार शर्मा, नरेंद्र रानीला, विजय जाखड़, बिमला देवी, सुशीला देवी, प्रेमलता, रोहताश शर्मा,जोरावर सिंह, डॉ. भूपेंद्र सांगवान, राजबीर फौगाट, कुलदीप, सुनील फौगाट, पूर्व सरपंच जोरावर सिंह, रिंपी फौगाट, कृष्ण फौगाट, महेंद्र, सोनू फौगाट, मनोहरलाल, विक्रम सिंह, भूपेंद्र सांगवान, राजकुमार, बिरजू फौगाट आदि मौजूद थे।