चरखी दादरी। गांव सारंगपुर केंद्र में दो कक्षों में बोर्ड सचिव की विशेष उड़नदस्ता टीम को प्रश्नपत्र पर सही उत्तर पर निशान लगे मिले। इस लापरवाही के कारण टीम ने केंद्र से दो ड्यूटी सुपरवाइजर को रिलीव कर दिया। उनकी जगह पर रिजर्व शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी।
बुधवार को कक्षा दसवीं की शारीरिक शिक्षा और 12वीं की संस्कृत विषय की परीक्षा रही। बुधवार को कक्षा दसवीं की अंतिम परीक्षा थी। अब कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 29 मार्च तक चलेंगी।
बुधवार को सभी 37 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा करवाई गई। इसमें दसवीं कक्षा के करीब 2 हजार विद्यार्थी जबकि कक्षा 12वीं के 800 विद्यार्थी उपस्थित रहे। जिले में दो टीमों ने 15 परीक्षा केंद्र जांचे और नकल रोकने के लिए सभी प्रकार की जांच की।
वहीं, भिवानी बोर्ड से सचिव उड़नदस्ता की विशेष टीम ने भी एक परीक्षा केंद्र का दौरा किया। सचिव की टीम परीक्षा शुरू होते ही सारंगपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंची। यहां पर कक्षा दसवीं और 12वीं की परीक्षा चल रही थी। टीम दो कक्षों में गई। पहले कक्ष में टीम ने विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र जांचे तो इनमें से कुछ विद्यार्थियों ने सही उत्तर पर निशान लगा रखे थे।
इसके बाद टीम ने ड्यूटी सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह से जवाब तलब किया तो वह जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद टीम अगले कक्ष में गई और विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका जांच की। इस दौरान टीम को यहां पर भी प्रश्नपत्र में उत्तर पर निशान लगे मिले। इसमें ड्यूटी सुपरवाइजर संजीत से टीम ने जवाब मांगा तो वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इसके बाद टीम ने दोनों सुपरवाइजरों की लापरवाही बताते हुए दोनों को ड्यूटी से रिलीव कर दिया। यहां पर रिजर्व सूची से दो शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई।
वहीं, बोर्ड प्रश्नपत्र और जिला नोडल अधिकारी टीम ने 15 केंद्रों की जांच की। इसमें शहर के तीन परीक्षा केंद्रों में जांच की गई जबकि गांवों में बिरही कलां, पैंतावास कलां, छपार, नौरंगाबास राजपूतान, बेरला आदि केंद्रों पर टीमों को व्यवस्था उचित मिली। वहीं, पुलिस बल मौजूद रहा। नकल करने संबंधी मामला सामने नहीं आया।
दो टीमों ने बुधवार को 15 केंद्रों पर परीक्षा की जांच की। यहां पर शांतिपूवर्क परीक्षा संचालन पाया गया। वहीं, बोर्ड सचिव की विशेष उड़नदस्ता टीम ने ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर दो सुपरवाइजर रिलीव किए हैं। परीक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
-ओमप्रकाश वर्मा, प्रभारी, बोर्ड प्रश्नपत्र उड़नदस्ता