चरखी दादरी। जिले में तीन दिन से चल रहे बुद्धो माता मेला का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन 30 हजार श्रद्धालुओं ने सदर थाने के पीछे स्थित बुधवारी माता मंदिर में पूजा की।
यहां शहर के अलावा, करीब 12 गांवों से श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने पूड़ा और गुड़ का प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगी। साथ ही मेले में बच्चों ने खरीददारी की जबकि झूलाें का आनंद भी उठाया। भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस तैनात रही। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
तीन दिन से शहर के बुद्धो माता मंदिर के पास मेला लगा है। बुधवार को बासौड़ा होने के कारण शहर में दो जगहों पर माता की पूजा की गई। इसमें मुख्य मेला व पूजा शहर के विश्राम गृह के पास रही। शहर के साथ 12 गांवों के लोगों ने यहां आकर माता के चरणों में माथा टेका।
वहीं, शहर का मॉडल संस्कृति स्कूल परिसर भी बुधवार को आस्था का केंद्र रहा। यहां भी श्रद्धालुओं ने पूजा की। श्रद्धालुओं को साध्वी कामाक्षी ने संबोधित किया। उन्होंने माता की आस्था और पूजा करने के फल की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि माता की पूजा करने से बच्चों के मुंह पर चेचक रोग नहीं होता। फोड़ा-फुंसी से भी बचाव रहता है। इस दौरान रात में बनाए हुए बासी मीठे चावल से माता का भोग लगाकर लोगों ने मंगल कामना की। साथ ही बच्चों ने मेले में खिलौने खरीदे और झूलों का लुत्फ उठाया।
- महिलाओं ने निकाली भूल-चूक माफ की मिट्टी
मंदिर के पास स्थित जोहड़ से महिलाओं ने भूल-चूक की मिट्टी निकाली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मिट्टी निकालने से रोग -बीमारी तो कम होते ही हैं, जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक का भी प्रायश्चित किया जाता है। इससे माता प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर दयादृष्टि बनाए रखती हैं।
- श्रद्धालुओं ने की खरीदारी
मंदिर के पास 100 दुकानें लगाई गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की और मेले का लुत्फ उठाया। इसमें कॉस्मेटिक, खिलौने, पूजा सामग्री, मूर्तियां, सिंदूर, फल, खाने-पीने संबंधी दुकानें लगाई गईं। इसके साथ ही बच्चों के लिए झूले भी लगे रहे।