संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। होली के रंगों से शहर के बाजार सज गए हैं। लोगों ने रंग, पिचकारी खरीदना शुरू कर दिया है। होली और फाग पर जिले में करीब 60 क्विंटल उड़ने का अनुमान है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार होली पर्व महीने के आखिरी में होने के कारण हल्का ही रहने की संभवना है।
बाजार में होली और फाग के मद्देनजर पिचकारियों और गुलाल की स्टॉलें सज चुकी हैं। इस बार 10 रुपये से लेकर 1400 रुपये तक की पिचकारी बाजार में बिक रही हैं। बाजार में आठ प्रकार का गुलाल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। पिचकारियों की बात करें तो दोनाली, हथौड़ा, बेंत, बेलन, स्पाइडर मैन व अनेक प्रकार की छोटी पिचकारी बाजार में बिक रही हैं। आदर्श चुनाव संहिता के चलते राजनेताओं के प्रचार संबंधी पिचकारियां नहीं हैं। गुलाल में रोज ब्रॉड, मुर्गा छाप व हर्बल गुलाल की बिक्री सबसे अधिक होने की संभावना है।
1400 की पिचकारी की 8 लीटर पानी की क्षमता
फाग को लेकर बाजार में खिलौना पिचकारी 10 रुपये से शुरु होती है। इस बार सबसे महंगी पिचकारी स्पाइडर मैन की है। इस पिचकारी की कीमत 1400 रुपये है। इसमें 8 लीटर पानी भरा जा सकता है। अन्य दो सिलिंडर वाली पिचकारी में 10 लीटर पानी की क्षमता है।
इन गुलालों की रहेगी अधिक मांग
दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक पैसे की अपेक्षा गुलाल की गुणवत्ता देखता है। फाग पर्व पर लाल, हरा, पीला, गुलाबी व केसरियां गुलाल अधिक खरीदते हैं। स्पेशल ब्रांडेड गुलालों में किसी प्रकार की मिलावट मिलने की संभावना कम ही होती है, जो अन्य सस्ते गुलालों की अपेक्षा त्वचा को कम नुकसान पहुंचाते हैं।
मलिंगा टोपी और मुखौटा खरीद का भी क्रेज
पर्व को रंगीन बनाने के लिए छोटे बच्चों का रुझान मलिंगा टोपी, शेर, बिल्ली व अन्य प्रकार के मुखौटा खरीदने के प्रति भी है। इसके अलावा पानी के गुब्बारे व मुर्गा टोपी की मांग भी अधिक है।
दुकानदार बोले- माह के अंत में आने के चलते फीका रहेगा पर्व
स्थानीय दुकानदार महेश सैनी, सुुंदर सैनी, हेमंत, उमेश शर्मा, अमन, कुलदीप, पवन व मनोज आदि ने बताया कि इस बार फाग माह के अंत में है। इन दिनों में आम आदमी के पास अतिरिक्त खरीदारी के लिए पैसे की कमी बनी रहती है। जिसके चलते कम बिक्री होने की संभावना है।