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लॉकडाउन रहा कारगर, मई में संक्रमण दर से अधिक रही रिकवरी दर

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चरखी दादरी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब जिले की स्थिति काफी हद तक काबू में है। कोरोना की संक्रमण दर काफी कम होने में दो बातें अहम रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार एक तो लॉकडाउन लगाना बेहतर कदम रहा और दूसरा लोगों ने भी गाइडलाइन का पालन कर समझदारी दिखाई। यही कारण रहा कि मई में दूसरी लहर चरम पर होने के बावजूद जिले में संक्रमण दर से रिकवरी दर अधिक रही।
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एक से 30 मई तक 2553 संक्रमित मिले, जबकि 2958 ने कोरोना को मात दी। हालांकि लॉकडाउन के चलते दादरी बाजार को मंदी से गुजरना पड़ा और मई के 28 दिनों में व्यापारियों और दुकानदारों को 220 करोड़ का फटका लगा। मई में वैक्सीनेशन के कार्य में भी तेजी आई और 30 दिनों में 56 हजार लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने कवर किया। मई में संक्रमण, वैक्सीनेशन और लॉकडाउन के चलते बाजार के हालातों पर अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट......
30 दिन में लिए 23482 सैंपल
एक मई तक जिले में 39 संक्रमित दम तोड़ चुके थे, जबकि संक्रमितों की संख्या 2404 थी। इस समयावधि तक 1697 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी थी। जिले से जांच के लिए 158049 सैंपल लिए गए थे। अब अगर 30 मई तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना से दम तोड़ने वालों की संख्या 124 पहुंची, जबकि संक्रमितों की संख्या 4957 हो गई। 30 मई तक जिले में 4755 संक्रमितों ने कोरोना को मात दी, जबकि सैंपलों की संख्या 181531 हो गई। मई के 30 दिनों में जिले में 85 संक्रमितों ने दम तोड़ा। इस समयावधि में 23482 सैंपल लिए गए।
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टीकाकरण के लिए बढ़ाए सेशन, आंकड़ा एक लाख के पार
मई में वैक्सीनेशन कार्य भी जोरों पर रहा। मई से पहले स्वास्थ्य विभाग पांच से छह सेशन लगा रहा था, लेकिन मई में इनकी संख्या बढ़ाकर 17 कर दी गई। मई में स्वास्थ्य विभाग ने 56 हजार लोगों को वैक्सीन लगाकर एक लाख का आंकड़ा भी छू लिया। 30 मई तक जिले में 47 प्रतिशत को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को करीब साढ़े तीन लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य मिला हुआ है। मई में अधिकतम एक दिन में 3795 लोगों को कवर किया गया। 5200 स्वास्थ्यकर्मियों, 4200 फ्रंट लाइन वर्कर्स, 3850 पुलिसकर्मियों समेत 60 वर्ष से अधिक के 64 हजार लोगों को कवर किया जा चुका है।
एक सप्ताह में मिले ब्लैक फंगस के पांच मरीज
20 मई के बाद जिले में ब्लैक फंगस ने भी दस्तक दी है। 30 मई तक जिले में ब्लैक फंगस के पांच मरीज मिले हैं। जिले में मिले ब्लैक फंगस के मरीजों को उपचार के रोहतक पीजीआई भेजा गया और उनका वहीं उपचार चल रहा है। ये पांच केस एक सप्ताह में मिले और इससे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गईं। सीएमओ सुदर्शन पंवार के अनुसार सरकार ने जिले में मिलने वाले ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए रोहतक पीजीआई अधिकृत किया हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस का दादरी जिले में फिलहाल इतना प्रकोप नहीं है।
बाजार बंद रहने से व्यापारी वर्ग में मंदी का दौर, उबरने में लगेगा समय
लॉकडाउन लगाने से कोरोना संक्रमण तो काबू में आ गया, लेकिन इसके चलते दुकानें बंद रहने से व्यापारी वर्ग आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। शहर में पांच हजार से अधिक दुकानें हैं, जिनमें से 80 फीसदी लॉकडाउन में बंद रहीं। 20 फीसदी आवश्यक वस्तुओं वालीं दुकानें ही निर्धारित समयावधि में खुली रही। शहर में सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 10-15 करोड़ का कारोबार होता है, लेकिन लॉकडाउन में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुलने से दैनिक कारोबार दो करोड़ पर आ गया है। आठ करोड़ प्रतिदिन के हिसाब से करीब 220 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
वर्जन::
कोरोना संक्रमण की स्थिति काफी हद तक काबू में आ गई है। ब्लैक फंगस के जिले में अब तक पांच ही मामले मिले हैं और सभी मरीजों का पीजीआई में उपचार चल रहा है। वैक्सीनेशन भी हम तेजी से कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि सजगता बरतें और कोरोना गाइडलाइन का पालन करें, तभी बचाव संभव है।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
वर्जन::
लॉकडाउन में दुकानें बंद रहने से व्यापारी वर्ग बेहद मंदी के दौर से गुजर रहा है। लॉकडाउन में प्रतिदिन 80 प्रतिशत तक कारोबार प्रभावित है। सामान्य दिनों में दादरी शहर में प्रतिदिन दस करोड़ तक का कारोबार हो जाता है।
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रविंद्र गुप्ता, कार्यकारी प्रधान, नगर व्यापार मंडल
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