चरखी दादरी। कोरोना ने कई परिवारों को जीवनभर का दर्द दे दिया। इस दर्द से शायद वे ताउम्र नहीं उभर पाएंगे। अमर उजाला अपनत्व अभियान के तहत तलाश की तो ऐसा ही एक मामला जिले के झोझूकलां में सामने आया। यहां कोरोना संक्रमण के चलते एक हंसते खेलते घर को ताला लग गया। दो साल में मां और दादी को खोने वाले चार बच्चों ने अब आठ दिन में दादा और पिता को भी खो दिया है। अब कोई बड़ा न बचने से झोझूकलां निवासी नेतराम के घर पर ताला लग गया है। उसके चारों पोता-पोती अपनी बुआ के पास कादमा में रह रहे हैं।
अपने पिता और भाई की मौत के बाद बच्चों को उनकी बुआ गीता अपने साथ कादमा ले गई है। इनमें से दो बच्चे संक्रमित होने से कोरोना गीता के घर भी पहुंच गया और वहां उसके ससुर की भी मौत हो गई, जबकि पति कोरोना को मात दे चुका है।
कादमा निवासी गीता ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसकी भाभी कुसुम की दो साल पहले मौत हो गई थी और उसके एक साल बाद ही उसकी मां शकुंतला का भी देहांत हो गया। भाभी की मौत के बाद उसका भाई नरेंद्र (40) अपने चार बच्चों के लालन-पालन के लिए फौज से सेवानिवृत्ति लेकर घर आ गया। गीता ने बताया कि उसका पिता नेतराम भी फौज से रिटायर्ड थे। गीता ने बताया कि अप्रैल के अंत में उसके पिता समेत भाई और दो भतीजी कोरोना संक्रमित हो गए थे। आठ मई को उसके पिता नेतराम की और 14 मई को उसके भाई नरेंद्र की मौत हो गई। पिता और दादा का साया सिर से उठने के बाद नेहा (15), भूमिका (11), चहक (7) व जय (6) का ध्यान रखने वाला घर में कोई नहीं बचा।
प्रशासन से मदद की गुहार
दो साल में उन्होंने अपने चार परिजनों को खो दिया और तीन बच्चों को तो उन पर आई विपदा का अंदाजा तक नहीं है। 15 वर्षीय नेहा और 11 वर्षीय भूमिका कोरोना को मात दे चुकी है। ये चारों बच्चे इस समय कादमा में अपनी बुआ गीता के पास रह रहे हैं। बच्चों के रिश्तेदारों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
संक्रमित बच्चों को लाना पड़ा ससुराल, पति और ससुर हुए संक्रमित
गीता ने बताया कि पिता और भाई की मौत होने के बाद चारों बच्चों को उसे अपने साथ लाना पड़ा। दो बच्चे संक्रमित होने से उसके ससुर और पति भी संक्रमित हो गए। गीता ने बताया कि उसके ससुर की मौत हो गई, जबकि पति स्वस्थ हो चुका है। गीता ने बताया कि उसके पास दो बच्चे हैं और अब छह बच्चों को पालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है।
शादी में जाने के बाद परिवार के चार सदस्य हुए थे संक्रमित
गीता ने बताया कि उसका पिता, भाई और चारों बच्चे गत 26 अप्रैल को एक शादी समारोह में गए थे। यहां से आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। जांच कराने पर पिता और भाई समेत दो बच्चे संक्रमित मिले थे। उन्होंने बताया कि चहक और जय की कोरोना जांच रिपोर्ट उस समय निगेटिव आई थी।