एमआरएफ (मैटिरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर पर वीरवार सुबह गड़बड़ी पकड़ने पहुंचे चार पार्षदों और तीन प्रतिनिधियों से स्थानीय लोग भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई और करीब आधे घंटे तक ये स्थिति बनी रही। इसके बाद दोनों पक्ष ठंडे पड़े और फिर पार्षद वहां से चले गए। निरीक्षण करने पहुंचे पार्षदों का कहना है कि यहां वजन के नाम पर गड़बड़ी चल रही है और इसकी शिकायत जल्द 12 पार्षद डीसी मनदीप कौर से करेंगे।
सुबह करीब सवा आठ बजे वार्ड-एक से पार्षद जयसिंह लांबा और वार्ड-दो से पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया एमआरएफ सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मकांटा पर सीसीटीवी ही नहीं है। कचरा लेकर जब टिप्पर यहां आता है तो चालक अंदर ही रहता है जबकि खाली टिप्पर जाते समय चालक उतरकर वजन करवाता है। इसकी बाकयदा वीडियो फुटेज उनके पास है।
पार्षद जयसिंह लांबा और प्रतिनिधि नरेंद्र दहिया ने बताया कि गड़बड़ी मिलने के बाद उन्होंने पार्षद अजय सांगवान, नवीन प्रजापत, विनोद सिंहमार समेत पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र व सत्यवान पहल को भी यहां बुला लिया। निरीक्षण करने पहुंचे पार्षदों ने बताया कि जब वो यहां पहुंचे तो कुछ देर बाद ही कचरा लेकर टिप्पर पहुंचना शुरू हो गए, लेकिन तब तक यहां नगर परिषद का कर्मचारी नहीं पहुंचा था। ऐसे में यहां की माॅनीटरिंग एजेंसी के कर्मचारियों के हाथों में ही है और गड़बड़ी से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कचरा उठान के टेंडर में गड़बड़झाला है और इसकी शिकायत वो डीसी मनदीप कौर से जल्द करेंगे। उनका कहना है कि कचरे उठान का टेंडर रद्द होना चाहिए।
- 7 सीसीटीवी लगे, मुख्य जगह एक भी नहीं
एमआरएफ सेंटर में सात सीसीटीवी इस समय वर्किंग में है। ये सीसीटीवी गेट, कचरा डालने वाली जगह, टिन शेड के अंदर और बाहर समेत धर्मकांटे कार्यालय के अंदर लगे हैं। जहां ऑटो टिप्पर का वजन होता है वहां सीसीटीवी ही नहीं है। पार्षदों का कहना है कि ऐसे में एक साथ दो ऑटो टिप्पर धर्मकांटे पर खड़ा करके या फिर भारी पत्थर डालकर वजन बढ़ाया जा सकता है।
- स्थानीय लोग बोले : हमने आंदोलन किया तब कहां थे
एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण करने के बाद जब पार्षद वहां से चलने लगे तो स्थानीय लोग पहुंच गए। उन्होंने पार्षदों से कहा कि आज आप यहां पहुंच गए, लेकिन अगस्त में जब हमने यहां कचरा डालने के विरोध में आंदोलन किया तो उस समय आप लोगों में से कोई नहीं पहुंचा था। इस पर पार्षदों ने सफाई भी दी, लेकिन वो संतुष्ट नहीं हुए और बाद में मामला बढ़कर नोकझोंक तक जा पहुंचा और दोनों पक्षों के बीच गहमागहमी हुई।
- कर्मचारी का तर्क : 15 दिन पहले ही लगे थे बाकी सीसीटीवी, पोल पर भी लगना है एक
पार्षदों के बाद वहां पहुंचे नगर परिषद के कर्मचारी पीतांबर व एजेंसी के कर्मचारी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले ही 7 सीसीटीवी लगे हैं। धर्मकांटे के समीप सीसीटीवी लगाने के लिए पोल लगाया जा चुका है और जल्द ही इस पर भी एक सीसीटीवी लगना है।
- 63 दिन में सेंटर पर पहुंचा 1916 क्विंटल कचरा
11 अगस्त से एजेंसी ने काम शुरू किया था और तब से लेकर 12 अक्तूबर तक एमआरएफ सेंटर पर कुल 1916 क्विंटल कचरा पहुंचा है। इस लिहाज से प्रतिदिन 30 टन से अधिक कचरा यहां पहुंचा है। 11 से 31 अगस्त तक 562 टन, एक से 30 सितंबर तक 994 टन और एक से 12 अक्तूबर तक 361 टन कचरा एजेंसी ने यहां पहुंचाया है। पार्षदों ने बताया कि प्रति टन 2350 रुपये में टेंडर है। इस लिहाज से एजेंसी अब तक 45 लाख के कचरे का उठान कर चुकी है।