चरखी दादरी। स्पेशल स्टाफ के हत्थे चढ़ा राजस्थान के अलवर के मांडन निवासी कुलदीप उर्फ लंबू कुख्यात अपराधी है। 2006 से वो लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय है। 17 साल की इस समय अवधि में पुलिस उसे तीन बार गिरफ्तार भी कर चुकी है। हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद उसने संगीन वारदात को अंजाम दिया। इस बार भी वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हथियार एकत्रित कर रहा था। इसका खुलासा डीएसपी अशोक कुमार ने प्रेसवार्ता में किया।
डीएसपी ने बताया कि कुलदीप मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है, लेकिन पिछले करीब 17-18 साल से गुरुग्राम में ही रह रहा है। उसने कॉलेज की पढ़ाई भी गुरुग्राम से की। 2006 से ही वो संदीप गाडोली गैंग से जुड़ा है। उसके खिलाफ पहला मुकदमा 2006 में हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। उस दौरान उसने दिल्ली के महीपालपुर में स्थित एक कॉलेज में जानलेवा हमला किया था। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद कुलदीप उर्फ लंबू अपराध करता चला गया। उस पर हरियाणा और राजस्थान में 24 केस दर्ज हैं।
उसने 2010 में गुरुग्राम के सेक्टर-5 से एक रेस्टोरेंट के एमडी का अपहरण कर 10 लाख की फिरौती मांगी थी। 2013 में उसने सांपला निवासी कार चालक की हत्या की। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 2015 में वो जमानत पर बाहर आया। 2017 में उसने एक और हत्या को अंजाम दिया। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने उसे राजस्थान से पकड़ा था। इसके बाद वो 2022 में बाहर आया और इसके बाद से ही फरार चल रहा था।
-2007 में पुलिस के साथ की थी मुठभेड़
आरोपी कुलदीप उर्फ लंबू की 2007 में गुरुग्राम पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। उस मुठभेड़ में गुरुग्राम पुलिस ने उसे दबोच लिया था। तीन साल जेल में बीतने के बाद 2010 में वो जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद वो लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय है।
- दादरी जिले में दर्ज हैं ये दो केस
कुलदीप उर्फ लंबू पर 2017 में दादरी के सदर थाने में दो मामले दर्ज हुए थे। एक मामला गांव समसपुर से कार छीनने पर दर्ज हुआ था जबकि दूसरा मामला शराब ठेकेदार की हत्या संबंधी दर्ज हुआ था। दादरी कोर्ट 29 अप्रैल 2023 को उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
आरोपी 2006 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। वो 6 हत्या कर चुका है जबकि इसके अलावा लूट और फिरौती के केस भी दर्ज हैं। उससे अभी पूछताछ जारी है।
-अशोक कुमार, डीएसपी, दादरी