संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पेयजल लाइन के लिए पाइप फिर से खत्म होने पर जल जीवन मिशन योजना का काम थम गया है। जिले में एक लाख 60 हजार मीटर पाइप की जरूरत है और अब तक 50 प्रतिशत पाइप ही पहुंच पाए हैं। इस समय आगे से पाइप की सप्लाई बंद है। ऐसे में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है।
जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत जलघरों की मरम्मत, नई पाइप लाइन बिछाने व नए कनेक्शन जारी करने का प्रावधान है, ताकि हर घर तक नल से पानी पहुंच सके। यह योजना केंद्र सरकार की है।योजना के तहत शहर व गांवों में हर घर नल की सुविधा मुहैया होनी है। यह योजना दो साल पहले शुरू की गई। बीच-बीच में बाधाएं आने पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुख्य समस्या तो पाइपों की बनी हुई है। योजना के तहत एक लाख 60 हजार मीटर पाइपों की मांग है। अब तक 80 हजार मीटर पाइप मिल पाए हैं। अब फिर से पाइप आने बंंद हो गए हैं। इससे काम ठप हो गया है। विभाग के पास 30 जून तक पाइप लाइन बिछाने का समय है। इसके बाद तो मानसून सीजन शुरू हो जाता है। पिछले मानसून सीजन में तीन माह तक काम बंद रहा था।
जिले में 35 जलघर 45 साल पुराने
जिला में करीब 35 जलघर तो ऐसे हैं, जो 45 साल पुराने हैं। इनमें लगी मोटरें जवाब दे चुकी हैं। पाइप लाइनें जगह-जगह से जर्जर होने पर लीकेज की समस्या बनी रहती है। मेन लाइनों में अवैध कनेक्शन ज्यादा होने की वजह से लाइनें जल्दी डैमेज हो गई हैं। अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इन गांवों में आबादी भी काफी बढ़ी है। ऐसे में पेयजल क्षमता बढ़ाने की भी जरूरत है।
शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के हो चुके टेंडर
शहर में जलघरों की स्टोरेज पेयजल क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 115 करोड़ के बजट के टेंडर हो चुके हैं। इसके लिए जल्द ही काम शुरू होने वाला है। इसके बाद शहर में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई हो सकेगी और इससे पेयजल संकट दूर होगा।
पाइप खत्म होने पर जल जीवन मिशन योजना पर काम रुका हुआ है। अब तक आधे पाइप ही मिले हैं। जैसे ही पाइप पहुंचते हैं, काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग