किसान नहरों पर इंजन व साइफन से पानी का उठान करते हुए।
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चरखी दादरी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान 300 पानी चोरी के मामले पकड़े गए। इन किसानों को पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया गया है। विभागीय कार्रवाई में विभाग की ओर से ऐसे किसानों को नोटिस भेजे जाते हैं। चोरी साबित होने पर किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। बता दें कि नहरों मेंं इस समय 900 क्यूसिक पानी छोड़ रखा है।
इंजन या साइफन लगाकर करते हैं चाेरी
किसान रबी की फसलों की सिंचाई के लिए नहरों पर इंजन व साइफन आदि लगाकर पानी का उठान करते हैं जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। 13 दिसंबर को नहरों में पानी छोड़ा गया है। रबी की सरसों की फसलों की सिंचाई के लिए किसान नहरों से सीधे पानी का उठान कर लेते हैं। इस समय सरसों व गेहूं की सिंचाई की जा रही है। काफी किसानों ने नहरों में अंडरग्राउंड पाइप लाइन भी बिछा रखी हैं।
टेल तक नहीं पहुंच पाता पानी
चोरी होने की वजह से पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है जिससे जलघरों में पानी भरने में भी दिक्कत आती है। जिले की नहरों में 16 दिन पानी चलेगा। जिले के सभी जलघरों में पानी भरने की जरूरत है। सिंचाई विभाग अधिकारी जलघरों में पानी डलवाने में जुटे हैं। इस समय लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ रखा है।
अलग-अलग टीमें हैं सक्रिय
इस दौरान सिंचाई विभाग अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने नहरों पर छापा मारकर 300 पानी चोरी के मामले पकड़े। इनमें लोहारू कैनाल व बधवाना नहर के मामले शामिल हैं। टीमें 24 घंटे नहरों पर छापा मार रही हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस की भी मदद ली जाती है। इस बार दिसंबर माह में बारिश न होने की वजह से फसलों की सिंचाई की सख्त जरूरत बनी हुई है। पिछले साल तो इस मौसम में बारिश हो गई थी। जिले में करीब 1.50 लाख एकड़ क्षेत्र में सरसों की फसल है। करीब 95 हजार एकड़ में गेहूं की फसल भी खड़ी है।
वर्सन:
किसान पानी की चोरी न करें। नहरों में लगे सरकारी मोगों से ही सिंचाई करें। विभाग की टीमें पानी की चोरी रोकने में जुटी है। सभी जलघरों को प्राथमिकता से भरवाया जा रहा है। समय रहते सभी जलघरों में पानी डाला जाएगा।- सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।