चरखी दादरी। दादरी जिले में एलटी (लैब टेक्निशियन) के पद खाली होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आलम यह है कि 80 फीसदी पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते 12 स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एलटी की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों के पास वो डिमांड भेज चुके हैं। उनका तर्क है कि जिला को एलटी मिलते ही उनकी तैनाती आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर कर दी जाएगी।
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा एक एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल), तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) हैं। इन 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर जिले के करीब साढ़े पांच लाख निर्भर है। विशेषज्ञों के अलावा इन केंद्रों पर लैब टेक्निशियन जैसे पद भी लंबे समय से खाली हैं। संवाददाता ने मंगलवार को पड़ताल की तो सामने आया कि जिला में एलटी के 26 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से पांच ही भरे हैं और 21 पद अभी खाली हैं। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं प्रभावित है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
इस समय जिले में 12 स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहां एलटी ही नहीं हैं। वहां से विभिन्न प्रकार की जांच के लिए मरीजों को सिविल अस्पताल भेजा जा रहा है। गांव से सिविल अस्पताल आने-जाने में मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। इसके अलावा एलटी की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग कुछ स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं में भी विस्तार नहीं कर पा रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले को जल्द ही एलटी मिल जाएंगे और इसके तुरंत बाद उनकी तैनाती स्वास्थ्य केंद्रों पर कर दी जाएगी।
- इन स्वास्थ्य केंद्रों पर ही तैनात है एलटी
इस समय जिले में पांच ही स्वास्थ्य केंद्रों पर एलटी तैनात हैं। इनमें बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अचीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बलकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, संतोकपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मानाकवास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
- यहां नहीं तैनात हैं एलटी
रानीला पीएचसी, इमलोटा पीएचसी, सांवड़ पीएचसी, झोझूकलां सीएचसी, माई कलां पीएचसी, गोपी सीएचसी,बाढड़ा पीएचसी, हड़ौदी पीएचसी, कादमा पीएचसी और छपार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लंबे समय ये एलटी तैनात नहीं हैं।
- दो माह से मॉलीकुलर लैब भी है बंद
सरकार के निर्देशों पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोविड स्टाफ के तौर पर सेवाएं देने वाले 34 कर्मचारियों को हटाया था और इनमें छह एलटी भी शामिल थे। इन एलटी की तैनाती मॉलीकुलर लैब में थी और उनकी सेवाएं समाप्त होने के बाद से लैब बंद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार उन्हें दोबारा ज्वाइन करवाने के आदेश आ चुका है और इसके लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया चल रही है।
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एलटी की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ना लाजमी है। हमने इस संबंध में डिमांड मुख्यालय भेजी हुई है और जिले को एलटी मिलते ही उनकी तैनाती जरूरत अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर कर दी जाएगी।
- डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ।