चरखी दादरी। 12 साल बाद नगर व्यापार मंडल को नया प्रधान मिला है। दिलचस्प बात यह है कि छह उम्मीदवारों ने प्रधानी के लिए दावेदारी जताई, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद एक उम्मीदवार ने सातवां नाम सबके सामने रखा, जिस पर तत्काल सहमति बन गई। इसके बाद सुरेश पांडवानिया को सर्वसम्मति से व्यापार मंडल का प्रधान मनोनीत किया गया।
दरअसल, नगर व्यापार मंडल का प्रधान चुनने के लिए रविवार को शहर की अग्रसेन धर्मशाला में बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शिरकत की। सुबह 11 बजे बैठक शुरू होते ही वक्ताओं ने एजेंडा सबके सामने रखा और इसके बाद प्रधान पद के लिए दावेदारी की अपील की। इसके बाद एक के बाद एक कर 6 उम्मीदवार ने प्रधान पद के लिए इच्छा जाहिर की, जिनमें बलराम गुप्ता, विरेंद्र पप्पू, संजय छपारिया, विजय अग्रवाल, सतीश बजाज और बाबूलाल सैनी के नाम शामिल है।
इसके बाद इन छह उम्मीदवारों के एकमत न होने से इन्हें चर्चा के लिए एक कमरे में भेजा गया और वहां भी गहन मंथन के बाद एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। बताया जा रहा है कि यहां विरेंद्र पप्पू का नाम सामने आने पर दो दावेदारों ने ऐतराज जताया। इसके बाद विरेंद्र पप्पू ने सातवें उम्मीदवार के रूप में सुरेश पांडवानिया के नाम का अनुमोदन किया गया और सभी छह दावेदार इस पर सहमत हो गए। इसके बाद प्रधान पद के दावेदारों ने कमरे से बाहर आकर सभागार में मौजूद सभी के समक्ष सुरेश पांडवानिया का नाम रखा और उनके नाम पर चुनावी बैठक में मौजूद सभी ने मुहर लगा दी। इसके बाद नवनियुक्त प्रधान सुरेश पांडवानिया का फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया और अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों के चयन का अधिकारी भी उन्हें दिया गया।
- 2010 में चुना गया था प्रधान, 2013 में हुआ था हंगामा
चुनावी बैठक में मौजूद शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों ने बताया कि इससे पहले 2010 में नगर व्यापार मंडल का प्रधान चुना गया था। नियम अनुसार इसके बाद 2013 में प्रधान चुनने के लिए बैठक हुई थी जो हंगामेदार रही। उस दौरान प्रधान पद पर सहमति नहीं बन पाई। तब से ही पुरानी कार्यकारिणी चली आ रही थी जो करीब एक सप्ताह पहले भंग हुई। कार्यकारिणी भंग होते ही नया प्रधान चुनने के लिए बैठक तय कर दी गई थी।
- बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में अर्जुनलाल बजाज, मनफूल, राहुल, जयभगवान मस्ताना, संदीप फौगाट, विनोद गर्ग, सतपाल जुनेजा, बिट्टू डाबरा, रविंद्र फौगाट, भूपेंद्र मंदोली, रामदास, सुदेश वर्मा, मोतीलाल बिंदल, रामकुमार रिटोलिया, नितिन जांघू, संजय मड़िया, रामफल सैनी, धर्मबीर सैनी, दिनेश बब्बू, रमेश कुमार, आनंद गोयल व राजल आदि व्यापारी और दुकानदार मौजूद रहे।