चरखी दादरी। हिंदी देश को एकता के सूत्र में बांधती है। प्रत्येक नागरिक को हिंदी की अहमियत समझते हुए इसे मुकाम पर ले जाने में हरसंभव सहयोग देना चाहिए। अमर उजाला की ओर से इसे लेकर शुरू किया गया अभियान काबिले तारीफ है। यह बात जिले के शिक्षाविदों ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हिंदी हैं हम मुहिम का समर्थन करते हुए कही। शिक्षकों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मुहिम से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि हिंदी राजभाषा है। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में सभी सरकारी कामकाज हिंदी में ही होने चाहिए। अदालतों में भी कामकाज हिंदी में शुरू हो जाए तो आमजन को आसानी हो सकती है। हिंदी भाषा के बल देश प्रगति कर रहा है। देश की युवा पीढ़ी को हिंदी से लगाव बनाते हुए इसे दुनिया में शिखर तक ले जाने का संकल्प करना चाहिए।
युवाओं को अमर उजाला की इस मुहिम से जुड़ना चाहिए। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए युवा वर्ग को आगे आना चाहिए। युवाओं को इस मुहिम से जुड़कर अपना योगदान करना चाहिए। हिंदी में सब कामकाज होने चाहिए। हिंदी देश को एकसूत्र में बांधने का काम करती है। सीबीएसई भी हिंदी को बढ़ावा दे रही है।
रूदेंद्र बशक, प्रधानाचार्य, एपीजे स्कूल
हिंदी राजभाषा है। युवाओं को अमर उजाला की इस मुहिम से अधिक से अधिक संख्या में जुडना चाहिए। हिंदी आम आदमी की बोलचाल की भाषा है। देश की युवा पीढ़ी को हिंदी से लगाव बनाते हुए इसे दुनिया में शिखर तक ले जाने का संकल्प करना चाहिए।
डॉ. अनिता रानी, कॉलेज सहायक प्रोफेसर
हिंदी की अपनी लोकप्रियता है। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला का यह अच्छा प्रयास है। हिंदी हैं हम अभियान से ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को जुड़ना चाहिए। हिंदी में ही कार्यालयों में सब कामकाज होने चाहिए।
रविंद्र, स्टेट अवार्डी
हिंदी भाषा आसान भी है। आम आदमी इसे आसानी से समझ और लिख सकता है। ऐसे में हिंदी भाषा को और बढ़ावा देने की जरूरत है। अमर उजाला की इस मुहिम से युवाओं को जुड़ना चाहिए। नई शिक्षा नीति में हिंदी को और बल मिलेगा।
धनश्याम जांगड़ा, प्रवक्ता, डाइट बिरही कलां