चरखी दादरी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लघु सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें जिलास्तर के मास्टर ट्रेनरों ने विधानसभा स्तर के ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया। अंतिम दिन जिला परिषद के सीईओ प्रदीप कौशिक ने ईवीएम व वीवीपैट, मतगणना और पोस्टल बैलेट की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि समय में बदलाव के साथ वोटिंग के लिए नई तकनीक को जोड़ा जा रहा है ताकि चुनाव में और अधिक पारदर्शित रहे व चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न करवाए जा सके। इसी प्रकार ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ा गया है, जिससे वोटिंग के समय मतदाता को अपने किए हुए वोट की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि ये दोनों मशीनें मतदान का आधार हैं। ऐसे में चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इनकी कार्यविधि की जानकारी होनी जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान होने वाले सभी प्रशिक्षणों को अच्छी प्रकार से रुची के साथ भाग लें तभी मशीनों और इनसे संबंधित नियमों की जानकारी होगी।
सीईओ ने कहा कि मतदान के बाद जब मतगणना की बारी आती है तो उस समय से पहले भी कई स्तर पर प्रशिक्षण होते हैं। आज के प्रशिक्षण की तरह ही उनमें भी मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत करवाया जाता है। साथ ही मतगणना की पूरी प्रक्रिया को लेकर भी बारीकियों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि मतगणना की शुरुआत में पोस्टल बैलेट की गिनती होती है और पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ईवीएम में मतगणना के राउंड शुरू किए जाते हैं।
आमजन को दी जाएगी ईवीएम की जानकारी
प्रदीप कौशिक ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव 2024 के मद्देनजर आमजन को ईवीएम के बारे में जागरूक करने और ईवीएम के बारे में नागरिकों की शंकाओं का समाधान करने के लिए करने के लिए जिला में विभिन्न जगहों पर प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं जिन पर ईवीएम मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं जो आमजन को ईवीएम से संबंधित जानकारी दे रहे हैं।
लघु सचिवालय समेत कई जगह स्थापित हैं ईवीएम प्रशिक्षण केंद्र
सीईओ प्रदीप कौशिक ने बताया कि लघु सचिवालय सहित जिला में कई जगह ईवीएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण केंद्रों पर कोई भी व्यक्ति कार्यालय समय में जाकर ईवीएम के बारे में नियुक्त ईवीएम मास्टर ट्रेनर से जानकारी प्राप्त कर सकता है।