बड़राई राजकीय स्कूल में काटे गए पेड़ का राज छिपाने के लिए डलवाई गई मिट्टी। संवाद
- सोमवार को जांच के लिए दोबारा वन विभाग की टीम पहुंचेगी बड़राई राजकीय स्कूल
ग्रामीणों की चेतावनी : दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
कादमा। बड़राई राजकीय स्कूल परिसर से हरे पेड़ काटने के मामले की जांच के लिए सोमवार को दोबारा वन विभाग की टीम स्कूल पहुंचेगी। इस दौरान कटे पेड़ों को छिपाने के लिए डाली गई मिट्टी हटवाकर काटे गए पेड़ों की वास्तविक संख्या पता लगाई जाएगी। दूसरी ओर ग्रामीण इस मामले में वन विभाग से पहले ही निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं।
बड़राई राजकीय स्कूल परिसर में खड़े पेड़ बिना अनुमति के काटे गए हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों के आवाज उठाने के बाद यह मामला उजागर हुआ। वहीं, मामले को तूल पकड़ते देखकर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के अलावा, स्कूल प्रबंधन समिति से भी बातचीत की थी। उस दौरान ग्रामीणों ने करीब 20 पेड़ काटने का अंदेशा जताया था। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन समिति का इसमें हाथ है। मामले में दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीण अमित कुमार, दीपक, सुखबीर, सुनील, प्रदीप, अंकित, संदीप, नवीन, ढिल्लू, सुदेश व संजय की मानें तो स्कूल प्रबंधन समिति ने पेड़ कटवाने के बाद मिट्टी डलवाकर करतूत को छिपाने का प्रयास भी किया। पेड़ कटवाने के पीछे आर्थिक लाभ की मंशा हो सकती है।
वन दरोगा बोले- निष्पक्ष होगी जांच
शिकायत मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया और वन दरोगा अमित मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की चेतावनी- कार्रवाई नहीं हुई तो होगा प्रदर्शन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई तो वे प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर की हरियाली विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक थी। पेड़ों की यह कटाई उनके अधिकारों का भी हनन है।
वर्सन :::
हमें पेड़ काटने की जानकारी मिली थी। टीम ने मौके पर जांच की तो देखा कि पेड़ काटे गए हैं। उन पर मिट्टी डाली गई है। अब हम मिट्टी हटाने का कार्य करेंगे। ताकि, यह स्पष्ट हो सके कि कितने और किस प्रकार के पेड़ काटे गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-रविंद्र, रेंज अधिकारी, बाढड़ा वन विभाग