चरखी दादरी। जिले में बुधवार को दिनभर मौसम बदलता रहा। सुबह भी घना कोहरा छाया और दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही। जिस कारण वाहन रेंग रेंगकर चले। सुबह करीब 10 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हो गया और दोपहर में धूप खिली। कुछ समय धूप खिलने के बाद आसमान में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव दिखा और बादल छा गए।
क्षेत्र में बुधवार से मौसम में बदलाव आ गया। सुबह के समय कोहरा छाया और दोपहर बाद आसमान बादलों से ढक गया। अधिकतम तापमान 21.1 व न्यूनतम 8.9 डिग्री दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ का असर क्षेत्र में पड़ने लगा है। पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी एवं क्षेत्रीय मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दो फरवरी को मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी भारतीय पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवेश कर गया है। इस बार विक्षोभ का पश्चिमी एवं दक्षिणी जिलों सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी और महेंद्रगढ़ पर आंशिक प्रभाव ही देखने को मिलेगा। इसके अलावा पूर्वी और उत्तरी जिलों चंडीगढ़, पंचकूला, कालका, अंबाला, यमुनानगर, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद तथा एनसीआर दिल्ली पर अधिक प्रभाव पड़ने की संभावनाएं हैं। इन सभी स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावनाएं है। चार फरवरी शाम तक इस विक्षोभ का प्रभाव हटना शुरू हो जाएगा। उसके बाद फिर से शीत लहर चलने की संभावना है।
बारिश से शहर वासी और किसान
बारिश की भविष्यवाणी से किसान और शहर वासी चिंतित है। किसान सरसों की फसल को लेकर चिंतित है। किसानों को डर ही की बारिश और ओलावृष्टि उनके सरसों की फसल को बर्बाद न कर दे। शहर वासियों को जलभराव की चिंता सता रही है। दरअसल शहर की सीवर व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है और वर्तमान में हालात ये है कि बिना बारिश के ही सीवर ओवरफ्लो होने के कारण अनेक गलियों में पानी भरा हुआ है। अब बारिश हुई तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे।