दादा गुसाई धाम मंदिर के निकट उपवास पर बैठे संगठनों के प्रतिनिधि।
चरखी दादरी। स्टैंड विद नेचर के संस्थापक डाॅ. लोकेश ने कहा कि पर्यावरण को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने वाली अरावली पर्वत शृंखलाओं को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करने की साजिश की जा रही है, इसके विनाशकारी परिणाम भविष्य में सामने आएंगे। अरावली विरासत जन अभियान के तहत वीरवार को गांव मानकावास स्थित पहाड़ पर एक दिवसीय उपवास के दौरान यह बात कही।
इस दौरान योगबीर सांगवान ने अरावली की नई परिभाषा के खिलाफ आवाज उठाते हुए इसके संरक्षण की मांग की। योगबीर सांगवान ने बताया कि 100 मीटर की ऊंचाई का नया पैमाना लागू होने से हरियाणा व गुजरात की 90 प्रतिशत पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जाएंगी। इससे अवैध खनन, जल संकट और मरुस्थलीकरण का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि यह मानक नहीं बदला गया तो पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा।