इमलोटा निवासी पशु चिकित्सक जयकिशन हत्या मामले की जांच परिजनों और ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय एजेंसी से करवाने की मांग की है। शनिवार को मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर एसपी नितिका गहलोत से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अब तक की पुलिस जांच पर असंतुष्टता जाहिर की है।
एसपी को ग्रामीणों ने बताया कि जांच एजेंसी ने जयकिशन मर्डर केस में अब तक जो जांच की है उससे गांव का कोई भी व्यक्ति संतुष्ट नहीं है। जांच में जो पहलू पेश किए गए हैं वो अविश्वसनीय है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि आरोपी ने कबूलनामे में बताया है कि जहां जयकिशन का शव मिला वहां स्वयं जयकिशन उसे लेकर गया था जबकि जयकिशन का उस जगह पर कोई आना-जाना नहीं था और न ही पहले कभी जयकिशन को शव बरामदगी वाली जगह पर देखा गया था।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी ने पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ा बताया है जबकि ऐसा कुछ नहीं था। इसके अलावा जहां जयकिशन का शव मिला वहां पर कोई निशान नहीं पाए गए। परिजनों ने अंदेशा जाहिर करते हुए बताया कि हत्या के बाद जयकिशन के शव को वहां लाकर डाला गया है और ये एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है।
मर्डर वाली साइट फर्जी
मृतक जयकिशन के पिता धर्मबीर, रामनिवास सरपंच, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, पूर्व सरपंच धर्मबीर सिंह, सोनू, राजबीर, जयभगवान, कृष्ण, विजय, कंवर, पूर्व चेयरमैन प्रवीण, सुरेश, मनोज व संदीप ने बताया कि पुलिस ने मर्डर की जो साइट दिखाई है वो फर्जी है। जयकिशन का मर्डर कहीं और किया गया है। ग्रामीणों ने शक जताया है कि जांच टीम दबाव व रिश्वत लेकर अन्य आरोपियों को बचाने का काम कर रही है।
फोटो 32 एसपी नितिका गहलोत से मिलने लघु सचिवालय पहुंचा इमलोटा के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल। स्रोत: परिजन