दादरी निवासी प्रदीप उर्फ मुड्डा ने भिवानी स्थित आईआईसीआई बैंक में नसीब के फर्जी हस्ताक्षर व आईडी देकर लोन ले लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पैसों से एक कार निकलवा ली। उनका आरोप है कि बैंक मैनेजर व कर्मचारियों के साथ मिलकर झूठा लोन पास कराया है।
भिवानी जेल में बंद समसपुर गांव निवासी युवक के फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी वाहन लोन करवाने का मामला सामने आया है। जेल में बंद युवक के बड़े भाई एवं सेना के जवान ने इसकी शिकायत एसपी कार्यालय में दी जिसके आधार पर शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की भी इस मामले में साठ-गांठ है।
विज्ञापन
एसपी कार्यालय में दी शिकायत में समसपुर निवासी नरेश कुमार ने बताया कि वह भारतीय सेना में कार्यरत है और उसका सगा भाई नसीब अक्तूबर 2023 से भिवानी जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि गत दिनों दादरी निवासी प्रदीप उर्फ मुड्डा ने भिवानी स्थित आईआईसीआई बैंक में नसीब के फर्जी हस्ताक्षर व आईडी देकर लोन ले लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पैसों से एक कार निकलवा ली। उनका आरोप है कि बैंक मैनेजर व कर्मचारियों के साथ मिलकर झूठा लोन पास कराया है।
नरेश ने बताया कि उसके भाई नसीब ने अपने नाम न तो कोई लोन लिया और न ही वाहन खरीदा है। वहीं, नसीब ने भी किसी कागजात पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।नरेश कुमार ने पुलिस से आरोपी प्रदीप समेत इसमें शामिल अन्य पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
लोन की किस्त मांगने आया तो चला पता
नरेश ने बताया कि गांव बिरहीकलां निवासी अमित वाहनों इंश्योरेंस का काम करता है और शहर के रोहतक रोड पर उसका ऑफिस है। उन्होंने बताया कि प्रदीप ने अमित के पास ही लोन की कागजात फाइल आदि बनवाए। 27 मार्च को अमित उनके घर आया और नसीब के नाम 5.60 लाख का लोन बकाया बताया। इसके बाद जब उन्हाेंने नसीब से इस बारे में बात की तो उसने कोई लोन बकाया होने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला।