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250 उपभोक्ताओं के मीटर में तार से पहले मिला कट, बिजली निगम ने नोटिस थमाकर मांगा जवाब

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250 उपभोक्ताओं के मीटर में तार से पहले कट, बिजली निगम ने थमाए नोटिस
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- बिजली चोरी के अंदेशे पर निगम की टीम ने कट को भी किया सील, 23 प्रतिशत है इस समय बिजली निगम का लाइन लोस
- नोटिस में मांगा गया उपभोक्ताओं से जवाब
चरखी दादरी। बिजली चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए बिजली निगम शहर में मकानों के अंदर लगे मीटरों का सर्वे कर रहा है। इसके तहत अब तक 250 उपभोक्ताओं के यहां बिजली मीटर से पहले तार में कट मिला है। इन उपभोक्ताओं को अब बिजली निगम की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक 70 उपभोक्ताओं को नोटिस थमाएं जा चुके हैं। वहीं, बिजली निगम ने इन कट को भी सील कर दिया है, ताकि भविष्य में यहां से बिजली चोरी की गुंजाइश न रहे। इस समय बिजली निगम का लाइन लोस 23 प्रतिशत है और इसे नीचे लाने के लिए सर्वे जारी है।
बिजली के जिन उपभोक्ताओं का मीटर मकान के अंदर लगा है और मीटर से पहले तार में कट मिला है, उन्हें ही निगम की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। 180 नोटिस और भेजे जाने हैं और मंगलवार तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। नोटिस भेजने का कारण इन कटों से बिजली चोरी करने का अंदेशा है। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली निगम की ओर से घरों के अंदर लगे मीटरों का सर्वे करने की विशेष योजना तैयार की गई है। इसके लिए निगम ने दो टीमें बना रखी हैं जो घर-घर जाकर ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं। जिस भी लाइन में कट मिलता है उस उपभोक्ता की पहचान कर नोटिस थमा दिया जाता है। नोटिस के जरिये निगम इन उपभोक्ताओं से कट के संबंध में जवाब मांगेगा।
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निगम बिजली चोरी रोकने के लिए दिन-रात छापे भी मारे जा रहे है। आए दिन चोरी के मामलेे भी पकड़े जाते हैं। इस काम में एरिया वाइज टीमें बना रखी हैं जो चोरी की शिकायत मिलने पर औचक छापा मारते हैं और मौके से चोरी के फोटो भी सुबूत के तौर पर लिए जाते हैं। चोरी पकड़े जाने के बाद जुर्माना लगाया जाता है। जुर्माना जमा न करवाने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाती है। संवाद
- पुराने मीटर बदले तो नए में खेल दिया पैंतरा
बिजली की चोरी करने के लिए उपभोक्ता हर प्रकार के हथकंडे अपनाने को तैयार हैं। शुरुआत में निगम ने जयपुर वाले काले मेकेनिकल मीटर लगाए थे। इन मीटर में तो सीधे तौर पर चोरी हो जाती थी। यह मीटर घरों में लगे थे और इनकी गति बहुत कम थी। बाद में निगम ने इन जयपुर वाले मेकेनिकल मीटर को बदलकर इलेक्टोनिक मीटर लगा दिए लेकिन घरों से बाहर नहीं निकाले। इन मीटरों से भी लोगों ने चोरी का रास्ता ढूंढ लिया।
- 90 प्रतिशत मीटर लगे हैं घरों के बाहर
घरों के अंदर लगे मीटरों को बिजली निगम ने करीब चार साल पहले बाहर लगाना शुरू किया था। अब तक जिले में 90 प्रतिशत मीटर बाहर लगा जा चुके हैं। खासकर गांवों में अभी भी कई मीटर घरों के अंदर ही लगे हैं। जगमग योजना से गांवों को जोड़कर इन मीटरों को भी बाहर लाने की योजना है।
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वर्जन::
उपभोक्ता लाइन में कट न मारें। निगम इसके प्रति सजग है। समय पर बिजली बिलों की अदायगी करें। निगम 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने को तैयार है। चोरी पकड़े जाने पर नियमानुसार मोटा जुर्माना लगाया जाएगा। चोरी पर अंकुश लगाने के लिए हमने विशेष मुहिम भी चलाई हुई है।
शंकरलाल पंवार, बिजली निगम, एसडीओ
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