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जिले में 54 बच्चे अति कुपोषित तो 565 कुपोषण ग्रस्त

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जिले में 54 बच्चे अति कुपोषित तो 565 कुपोषण ग्रस्त
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अतिरिक्त उपायुक्त ने वीसी में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव को दी जानकारी, बोले: इन बच्चों की निरंतर करवाई जा रही है स्वास्थ्य जांच
चरखी दादरी। जिले में 54 बच्चे अति कुपोषित और 565 कुपोषण से ग्रस्त है। कुपोषण को दूर करने के लिए आंगनबाड़ियों में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान जी. अनपुमा को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष नागपाल ने दी।
वीसी में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इन बच्चों की सरकारी अस्पतालों में निरंतर जांच करवाई जा रही है और रोहतक पीजीआई से आई डॉक्टरों की टीम की हिदायत के अनुसार रोजाना पोषक आहार दिए जा रहे हैं। दादरी जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय 622 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इनमें कुपोषण को दूर करने के लिए वर्ष 2020 में ही एक निश्चित कार्ययोजना बनाकर लागू कर दी गई थी। उस वक्त रोहतक पीजीआई से डॉ. छाया प्रसाद, मोनिका गोयल आदि ने दादरी आकर बच्चों की जांच की थी और एक डाइट प्लान बना कर दिया था। उसी कार्ययोजना को अमल में लाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग गंभीरता से इस दिशा में काम कर रहा है और कुपोषण की समस्या दूर करने में लगा हुआ है।
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वीडियो कांफ्रेंस में प्रधान सचिव जी. अनुपमा ने कहा कि कुपोषित बच्चों की सेहत में सुधार लाना हम सबकी सरकारी नहीं अपितु सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इस मौके पर सुशासन सहयोगी दिनेश मल्लाह, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण, खंड समन्वयक रिंकू आदि उपस्थित रहीं।
- 32 आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहे किचन गार्डन
डॉ. मुनीष नागपाल ने कहा कि बच्चों को प्रोटीन बिस्किट दिए जाते हैं व उनको बाजरा, बेसन, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां रूटीन में खिलाई जा रही हैं। जिला के 32 आंगनबाड़ी केंद्रों में किचन गार्डन चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने सुझाव दिया कि पोषण अभियान में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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- आंगनबाड़ी वर्कर्स को मिलेंगे स्मार्टफोन: जी अनुपमा
वीसी में महिला एवं आल विकास विभाग की प्रधान सचिव जी अनुपमा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार स्मार्ट फोन देने जा रही है, ताकि वे पोषण ट्रैकर एप को डाउनलोड कर उसमें डाटा अपलोड कर सकें।
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