चरखी दादरी। शहर के बीचोंबीच से गुजरने वाले फोरलेन रोड किनारे खड़ी होने वालीं रेहड़ियों को बाहर शिफ्ट करवाने में नगर परिषद अधिकारी काफी हद तक कामयाब हो गए है। सामान जब्त जैसी कार्रवाई करने की बजाय नप ने अपील का रास्ता अपनाया, उससे यह संभव हो पाया है। लगातार चार दिनों तक नप टीमों ने इन रेहड़ी वालों से पीएनबी चौक से लेकर परशुराम चौक और परशुराम चौक से लेकर रेलवे मोड़ तक रेहड़ियां लगाने की बजाय इससे आगे रेहड़ी लगाने की अपील की थी।
वीरवार शाम इन रेहड़ीधारकों ने नप अधिकारियों के समक्ष शुक्रवार से रेहड़ी बाहर शिफ्ट करने पर सहमति जताई थी और इसके अनुसार शुक्रवार को मुख्यमार्ग पर करीब 80 फीसदी रेहड़ियां नहीं लगी। वहीं, जिन्होंने नगर परिषद की अपील को नजरअंदाज किया, उनके 500-500 रुपये के चालान किए गए। वहीं अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी दी कि दोबारा यहां रेहड़ी खड़ी की तो एक-एक हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
दरअसल, बस स्टैंड रोड शहर की सबसे व्यस्त सड़क है। यहां से प्रतिदिन बीस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इस सड़क पर सफेद पट्टी के साथ रेहड़ियां लगती थीं। इसके चलते खरीदारी करने आए लोगों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा करने पड़ रहे थे। आधी सड़क पार्किंग जोन बनने से ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ाई थी। करीब दस दिन पहले ही डीसी प्रदीप गोदारा ने विभिन्न विभागों की बैठक लेकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए मुख्यमार्गों से अवैध कब्जे हटवाने के आदेश दिए थे। इसी कड़ी में नगर परिषद अधिकारियों ने सबसे पहले पीएनबी चौक से लेकर परशुराम चौक और परशुराम चौक से लेकर रेलवे स्टेशन मोड़ तक रेहड़ियां हटवाने की योजना तैयार की थी।
सचिव प्रशांत पाराशर की अगुवाई में लगातार चार दिन तक टीम प्रत्येक रेहड़ी वाले के पास पहुंची और उन्हें योजना की जानकारी देते हुए निर्धारित क्षेत्र से बाहर रेहड़ी लगाने के लिए प्रेरित किया। नप ने चार दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की और केवल अपील के जरिये रेहड़ी वालों को सहमत करने का प्रयास किया। वीरवार को ये रेहड़ीधारक नप कार्यालय में ईओ सुमनलता और सचिव प्रशांत पाराशर से मिले और निर्धारित जगह से बाहर रेहड़ियां लगाने की सहमति दे दी और शुक्रवार से पीएनबी चौक से आगे, घिकाड़ा रोड पर और रेलवे स्टेशन मोड़ से आगे रेहड़ियां लगाने की बात कही।
पहले लगती थीं 80 से अधिक रेहड़ियां, ज्यादातर दुकानदारों की
पहले इस मार्ग पर करीब 80 से अधिक रेहड़ियां लगती थीं। कई रेहड़ियां तो ऐसी थीं जिन्हें दुकानदारों ने खड़ा करवाया हुआ था। वहीं, दुकानों के सामने रेहड़ी खड़ी करवाने पर कुछ दुकानदार रेहड़ी वालों से मासिक रुपये भी ले रहे थे। नप अधिकारियों के संज्ञान में भी यह मामला सामने आया था। शुक्रवार को इस रोड पर करीब पंद्रह ही रेहड़ियां लगीं। नप टीम को कार्रवाई के दौरान दस रेहड़ियां खड़ी मिलीं और सभी के चालान किए गए। दूसरी ओर रेहड़ी हटने से सड़क किनारे पांच से सात फुट तक जगह भी खाली हो गई है जहां वाहन खड़े किए जा सकते हैं।
ज्यादातर रेहड़िया हट गईं
हमने चार दिनों तक रेहड़ी वालों को समझाया था। वीरवार को कार्यालय आकर रेहड़ी संचालकों ने शुक्रवार से रेहड़ी बाहर लगाने की बात कही थी। शुक्रवार को बस स्टैंड रोड से ज्यादातर रेहड़िया हट गई, जबकि जो लगी मिलीं उनके टीम ने चालान किए। दोबारा अगर रेहड़ी खड़ी मिलेगी तो एक हजार का चालान किया जाएगा।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद