संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख की रिश्वत के मामले में डीएसपी सुभाषचंद्र ने शिकायतकर्ता पक्ष के बयान दर्ज किए हैं। इस मामले में कार्रवाई की मांग के लिए शिकायतकर्ता पक्ष का धरना शनिवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी खेमे ने पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई में की जा रही देरी पर रोष प्रकट किया और नारेबाजी कर रोष जताया।
शनिवार दोपहर एक बजे उप-पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र ने शिकायतकर्ता बिजेंद्र, संजय साहू व जगबीर को नोटिस देकर जांच के लिए बुलाया। इसके बाद बिजेंद्र थाने पहुंचे। बिजेंद्र ने बताया कि करीब दो घंटे तक उससे पूछताछ की गई। बिजेंद्र के अनुसार पूछताछ के बाद एक कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसे वकील से सलाह-मशवरा भी नहीं करने दिया गया। बिजेंद्र ने बताया कि तकनीकी पहलुओं पर जांच न करके उसके अनपढ़ व देहाती होने का फायदा उठाया गया है। बिजेंद्र के अनुसार वह पहले ही बोल चुका है कि उसकी शिकायत को उसके बयान समझकर जांच आगे बढ़ाई जाए।
शिकायतकर्ता बिजेंद्र के अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि जिले के अधिकतर नेता, खाप और सामाजिक, धार्मिक व शिक्षण संगठनों के प्रतिनिधि धरने का समर्थन कर चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस त्वरित और निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। इस कार्यप्रणाली को लेकर एक-दो दिन में ही समाज के प्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों की एक बैठक बुलाकर बड़ा कदम उठाने की घोषणा की जाएगी। शनिवार को पूर्व सरपंच दलबीर, जोरावर चरखी, राजेश, पिंटू पहलवान, पूर्व सरपंच बलबीर व रामभगत आदि धरनास्थल पर मौजूद रहे।
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महिला थाने में पहुंचा शिकायतकर्ता पक्ष। स्रोत: स्वयं
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लघु सचिवालय में धरना देते प्रदर्शनकारी। संवाद