गांव हंसावास कलां बस स्टैंड के समीप मुआवजे की मांग को लेकर बाढड़ा-सतनाली मुख्यमार्ग पर उतरे किस
बाढड़ा। ओलावृष्टि प्रभावित किसानों की सुध न लेने पर गांव हंसावास कलां के किसान गांव के मुख्य बस स्टैंड पर एकत्र हुए और बाढड़ा-सतनाली मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे बाढड़ा थाना प्रभारी ने किसानों से बातचीत की और जल्द ही क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू करवाने का आश्वासन देकर सड़कमार्ग पर लगाए गए जाम को खुलवा दिया।
गौरतलब है कि करीब पांच मिनट तक किसान सड़क मार्ग पर बैठे रहे। इस दौरान उग्र किसानों ने दो दिन में समाधान न होने पर 12 गांवों का बेमियादी धरना शुरू करने का फैसला लिया। इससे पहले हंसावास कलां के पूर्व सरपंच दिनेश श्योराण की अगुवाई में गांव के मुख्य बस स्टैंड पर ग्रामीण एकत्र हुए और विचार-विमर्श करने के बाद बाढड़ा-सतनाली सड़कमार्ग पर जाम लगा दिया।
नंबरदार राजबीर सिंह ने कहा कि शुक्रवार रात हुई ओलावृष्टि के कारण उनके खेतों में पककर खड़ी रबी सीजन की गेहूं, सरसों व सब्जियों की फसलें 100 फीसदी खराबें की भेंट चढ़ गई हैं। ओलावृष्टि के चार दिन गुजरने के बाद भी न तो स्पेशल गिरदावरी के आदेश जारी किए गए हैं और न ही क्षतिपूर्ति पोर्टल को शुरू किया गया है। इससे किसानों को अपनी बर्बाद फसलों के नुकसान की भरपाई पर संशय बना हुआ है।
किसान बोले : विधायक, सांसद और अधिकारी खेतों में आकर देखें
किसान सत्यवान, महेंद्र श्योराण, जयसिंह, राजबीर सिंह, बल्लू, विरेंद्र सिंह, पवन श्योराण, सुनील गोलिया, अशोक कुमार, राजबीर नंबरदार आदि ने बताया कि उनके गांव की फसलों में 100 फीसदी नुकसान है। सांसद, विधायक, उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार या कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर फसलों का नुकसान देख सकता है। पटवारियों की ओर से निचले स्तर का नुकसान दर्शाया जा रहा है जो उनके साथ अन्याय है। इसे किसी सूरत में सहन नहीं करेंगे।