चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में करीब पांच माह पहले शुरू की गई कोविड लैब पिछले एक सप्ताह से बंद है। स्वास्थ्य विभाग के छह एलटी (लैब टेक्निशियन) को बाहर का रास्ता दिखाने से यहां अब सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर विभाग ने अब कोविड जांच सैंपल रोहतक पीजीआई भेजने शुरू कर दिए हैं। वहीं, चालकों को हटाने का असर भी व्यवस्थाओं पर पड़ा है।
गत एक अप्रैल से स्वास्थ्य विभाग ने ठेका प्रथा के तहत रखे गए 36 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये सभी कर्मचारी कोविड स्टाफ के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। इन कर्मचारियों को हटाने के कारण गत एक अप्रैल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। इनमें कोविड जांच लैब बंद होना सबसे अहम है।
बता दें कि दादरी में कोविड जांच लैब खोलने की मांग डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने की थी। करीब दस माह बाद उनकी मांग पूरी हुई थी। सिविल अस्पताल में कोविड लैब शुरू करने पर करीब 30 लाख रुपये खर्च आया था और कोरोना की तीसरी लहर के दौरान इसका फायदा भी देखने को मिला। कोविड लैब शुरू होने के बाद जांच के लिए सैंपल रोहतक पीजीआई भेजने से छुटकारा मिला था जबकि टेस्ट करवाने वाले मरीजों को रिपोर्ट भी 24 घंटे के अंदर मिल रही थी। अब स्टाफ की कमी के चलते एक सप्ताह से कोविड जांच लैब बंद है और इसके कारण सैंपल रोहतक पीजीआई भेजने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर स्टाफ कम होने का असर सैंपलिंग प्रक्रिया पर पड़ा है। पिछले चार दिनों की अगर बात करें तो 100 से भी कम सैंपल प्रतिदिन लिए जा रहे हैं। इन सैंपलों को रोहतक पीजीआई पहुंचाने की कमान एक टीम को सौंपी गई है। 100 सैंपलों की जांच करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी को प्रतिदिन करीब 150 किलोमीटर की दूर तय करनी पड़ रही है। 36 कर्मचारियों को हटाए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विभाग ने अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
- इन 36 कर्मचारियों को किया गया बाहर
स्वास्थ्य विभाग ने जो 36 कर्मचारी हटाए हैं उनमें छह एलटी हैं। इसके अलावा 10 स्वीपर, पांच वार्ड सर्वेंट, तीन फॉर्मासिस्ट, पांच चालक और सात नर्स शामिल हैं। इन कर्मचारियों को हटाने से कोविड जांच लैब के अलावा मरीजों की केयर और स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियों को चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।
- जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र, एलटी महज आठ
दादरी जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इस समय इन 17 स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभाग के पास महज आठ ही एलटी हैं। ये एलटी सिविल अस्पताल, झोझूकलां सीएचसी, संतोकपुरा पीएचसी, बलकरा पीएचसी, बौंदकलां सीएचसी और अचीना पीएचसी पर तैनात हैं।
- कोविड स्टाफ हटाने का सैंपलिंग पर यू पड़ा प्रभाव
31 मार्च तक की अगर स्थिति देखें तो प्रतिदिन 250 से अधिक सैंपल लिए जा रहे थे। 31 मार्च को सरकार के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने 36 कर्मचारियों को हटा दिया गया। इसका सीधे तौर पर असर सैंपलिंग प्रक्रिया पर पड़ा है। पिछले दो दिनों से 100 से भी कम सैंपल लिए जा रहे हैं। छह जून को 101 तो सात जून को महज 84 ही सैंपल लिए गए।
सरकार के निर्देशों पर हमने अमल किया है। छह एलटी हटाने के चलते कोविड लैब बंद हो गई है और अब सैंपल जांच के लिए रोहतक पीजीआई भेजे जा रहे हैं। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ