चरखी दादरी। शिक्षा विभाग अब कक्षा पहली से तीसरी तक के छात्रों के कोरोनाकाल में हुए शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करेगी। कोरोनाकाल में करीब डेढ़ साल तक कक्षा पहली से पांचवीं के विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाएं लगाने में असमर्थ रहे। इन छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया था। ऐसे में इनको अपनी कक्षाओं के पाठयक्रम का ज्ञान नहीं हो सका। इन छात्रों के लर्निंग लेवल में गिरावट दर्ज की गई। अब इन छात्रों के लर्निंग लेवल को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने फाउंडेशन लिट्रेसी एवं नुमेरिसी प्लान तैयार की है। इसके तहत इन छात्रों के लर्निंग लेवल को सुधारने के लिए मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया गया है। जल्दी इस प्लान पर काम शुरू होने की उम्मीद है। जिला में पहली से तीसरी कक्षा तक छात्रों की संख्या 10 हजार 259 है।
कोरोना काल में प्राइमरी कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करना मुश्किल था। खासकर तीसरी व चौथी कक्षा तक के छात्रों को ज्यादा दिक्कत रही थी। अभिभावक भी विवश हो गए थे। कुछ जागरूक एवं शिक्षित अभिभावकों ने तो ट्यूशन की मदद लेकर पाठ्यक्रम को पूरा करवाया था, लेकिन अधिकतर छात्र पाठ्यक्रम में पिछड़ गए। सरकार के निर्देश पर इन छात्रों को बिना पाठ्यक्रम करवाए अगली कक्षाओं में प्रमोट करना पड़ा था।
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जिले में पहली से तीसरी कक्षा तक सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या 10 हजार 259 है। कक्षा पहली में 3387, कक्षा दूसरी में 3607 व तीसरी में 3265 छात्र हैं। इन सभी छात्रों व उनके अभिभावकों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग इनके शैक्षणिक पिछड़ापन को दूर करेगा। कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई लिए शिक्षा विभाग ने विशेष प्लानिंग तैयार कर ली है।
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इस प्लान पर विभाग करेगा काम -
शिक्षा विभाग ने एफएलएन यानी फाउंडेशन लिट्रेसी एवं नुमेरेसी नामक प्लान तैयार किया है। इस प्लान को सिरे चढ़ाने लिए इन कक्षाओं के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक प्रशिक्षण परिषद की ओर से तैयार कर दिए गए हैं। ये मास्टर इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। शिक्षकों का लर्निंग लेवल बढ़ाने के लिए टिप्स बताएंगे। इस समय जो छात्र पहली कक्षा में है उसके लर्निंग लेवल को तीसरी कक्षा तक कवर किया जाना है, ताकि वह आगे चलकर कक्षाओं में पिछड़ने न पाएं।
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भाषा एवं संख्यात्मक पर रहेगा जोर -
लर्निंग लेवल सुधार की दिशा में विद्यार्थियों की भाषा व संख्यात्मक स्तर में सुधार पर फोकस किया जाएगा। इस योजना को सही ढंग से लागू करवाने के लिए एससीईआरटी गुरुग्राम में जल्द ही राज्य भर के डीईईओ, डीपीसी व डाइट प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इसका प्रारूप तैयार किया जाना है।
वर्जन::
शिक्षा विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है। आने वाले कुछ ही दिनों में इन कक्षाओं के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार कर दिए गए हैं। प्रत्येक छात्र के लर्निंग लेवल को सुधारा जाएगा।
- वीरेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा शिक्षा अधिकारी